कैथल मंडी, Grain Market Issues: कैथल की नई अनाज मंडी में 1509 किस्म के धान की आवक जोरों पर है, लेकिन मंडी में सुविधाओं की कमी किसानों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। मंडी की सड़कों का निर्माण अब तक नहीं हुआ, जिसके चलते गहरे गड्ढों और उखड़े पत्थरों के बीच धान की ट्रॉलियां लाने-ले जाने में किसानों को खासी परेशानी हो रही है। रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क की खुदाई तो हो गई, लेकिन निर्माण कार्य में देरी से किसान और आढ़ती नाराज हैं।
कैथल मंडी में टूटी सड़कों से परेशानी
किसान नरेंद्र, सतनारायण और लखविंद्र ने बताया कि मंडी की तैयारियां सीजन से पहले हो जानी चाहिए थीं, लेकिन सड़कों का काम अब तक अधूरा है। धान से भरी ट्रॉलियां लाने में दिक्कत हो रही है, और गड्ढों की वजह से ट्रॉली पलटने का डर बना रहता है। मंडी के बाहर राम नगर की ओर छप्पर के पास भी सड़क को उखाड़ दिया गया है, जिससे आवाजाही और मुश्किल हो गई है।
धान के भाव से भी नाराजगी
मंडी में 1509 धान की आवक 1500 क्विंटल से ज्यादा हो चुकी है, और भाव 3260 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। लेकिन किसानों का कहना है कि पड़ोसी जिलों की मंडियों में भाव 200-300 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा हैं। किसान मुकेश ने बताया कि इस बार बीमारी के कारण धान का उत्पादन पहले ही कम हुआ है, और अब कम भाव की वजह से लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। प्रति एकड़ 75-80 हजार रुपये ठेके पर जमीन लेकर धान बोया गया, लेकिन मौजूदा रेट से नुकसान ही हो रहा है।
मार्केट कमेटी का जवाब
मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र दुल ने बताया कि मंडी में 1509 धान की आवक तेजी से चल रही है। सीजन की तैयारियां की जा रही हैं, लेकिन बारिश की वजह से सड़कों के निर्माण में देरी हुई है। अब काम को तेज करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।













