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Cashew Production India: काजू का किंग कौन? महाराष्ट्र बना नंबर 1, 2024 रिकॉर्ड उत्पादन!

On: अक्टूबर 7, 2025 8:27 पूर्वाह्न
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Cashew Production India: काजू का किंग कौन? महाराष्ट्र बना नंबर 1, 2024 रिकॉर्ड उत्पादन!
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Cashew Production India 2024 Maharashtra: दिल्ली : काजू हमारी डाइट का लाजवाब हिस्सा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में काजू का सबसे ज्यादा उत्पादन कौन सा राज्य करता है? अगर नहीं, तो आइए जानते हैं 2023-24 के ताजा आंकड़ों के बारे में।

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) और कृषि मंत्रालय के अनुसार, भारत में इस साल कुल काजू उत्पादन करीब 773 हजार मीट्रिक टन रहा। इसमें महाराष्ट्र ने बाजी मारी और 197.30 हजार टन काजू के साथ देश का नंबर 1 उत्पादक राज्य बन गया। यह देश के कुल उत्पादन का 24.82% हिस्सा है।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा का शानदार प्रदर्शन Cashew Production India

आंध्र प्रदेश ने 133.80 हजार टन काजू का उत्पादन कर दूसरा स्थान हासिल किया, जो कुल उत्पादन का 16.83% है। तीसरे नंबर पर ओडिशा रहा, जिसने 126.13 हजार टन काजू पैदा किया, यानी कुल उत्पादन का 15.87%।

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ये तीनों राज्य मिलकर देश के काजू उत्पादन का 57.5% हिस्सा बनाते हैं। यह इन राज्यों की काजू खेती में अहम भूमिका को दर्शाता है।

दक्षिण भारत का भी दमदार योगदान

दक्षिण भारतीय राज्य जैसे तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल भी काजू उत्पादन में पीछे नहीं हैं। तमिलनाडु ने 87.07 हजार टन (10.95%), कर्नाटक ने 79.85 हजार टन (10.05%) और केरल ने 76.38 हजार टन (9.61%) काजू का उत्पादन किया। ये तीनों राज्य मिलकर कुल उत्पादन का 30.61% हिस्सा हैं, जो दक्षिण भारत की ताकत को दिखाता है।

अन्य राज्यों का योगदान

गोवा ने 26.07 हजार टन (3.28%), छत्तीसगढ़ ने 22.75 हजार टन (2.86%), पश्चिम बंगाल ने 13.28 हजार टन (1.67%) और मेघालय ने 10.38 हजार टन (1.31%) काजू का उत्पादन किया। ये राज्य काजू उत्पादन में विविधता लाते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं।

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भारत के काजू उत्पादक राज्य (2023-24)
महाराष्ट्र: 197.30 हजार टन (24.82%)
आंध्र प्रदेश: 133.80 हजार टन (16.83%)
ओडिशा: 126.13 हजार टन (15.87%)

तमिलनाडु: 87.07 हजार टन (10.95%)
कर्नाटक: 79.85 हजार टन (10.05%)
केरल: 76.38 हजार टन (9.61%)
गोवा: 26.07 हजार टन (3.28%)
छत्तीसगढ़: 22.75 हजार टन (2.86%)
पश्चिम बंगाल: 13.28 हजार टन (1.67%)
मेघालय: 10.38 हजार टन (1.31%)

काजू खेती का महत्व

काजू की खेती भारत में किसानों के लिए आय का बड़ा स्रोत है, खासकर उन इलाकों में जहां खेती के विकल्प कम हैं। महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर काजू की खेती होती है, जो न सिर्फ राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि भारत के काजू निर्यात को भी बढ़ावा देती है। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि काजू उत्पादन में स्थिर वृद्धि देश के कृषि विकास के लिए शुभ संकेत है।

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भविष्य की संभावनाएं

काजू उत्पादन को और बढ़ाने के लिए किसानों को बेहतर बीज, सिंचाई और आधुनिक तकनीकों की जरूरत है। सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है, जिससे भारत वैश्विक काजू बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत कर सके।

महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रोसेसिंग यूनिट्स और बाजारों का विकास किसानों के लिए फायदेमंद होगा। कुल मिलाकर, 2023-24 में 773 हजार टन काजू उत्पादन भारत की कृषि ताकत को दर्शाता है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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