ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Cotton crop: कपास की फसल पर खतरा, गुलाबी सुंडी और हरा तेला से बचाने के लिए तुरंत करें ये उपाय!

On: सितम्बर 7, 2025 8:17 पूर्वाह्न
Follow Us:
Cotton crop: कपास की फसल पर खतरा, गुलाबी सुंडी और हरा तेला से बचाने के लिए तुरंत करें ये उपाय!
Join WhatsApp Group

Cotton crop Pink bollworm, हिसार। बारिश के मौसम में कपास की फसल को गुलाबी सुंडी और हरे तेले का खतरा बढ़ जाता है। किसानों को फसल की नियमित निगरानी करनी चाहिए, ताकि नुकसान से बचा जा सके। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने बताया कि गुलाबी सुंडी और हरे तेले से फसल को बचाने के लिए सही समय पर छिड़काव जरूरी है। अगर फसल में 5% फल प्रभावित दिखें या ट्रैप में 5-8 गुलाबी सुंडी प्रति रात मिलें, तो तुरंत एक्शन लें।

गुलाबी सुंडी से बचाव

किसानों को सप्ताह में 100 फूल और 20 हरे टिंडों की जांच करनी चाहिए। अगर 5% फल प्रभावित हों, तो 800-900 मिलीलीटर क्विनलफॉस (एकालक्स) 25 ईसी या 600-700 मिलीलीटर प्रोफेनोफास 50 ईसी को 175-200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। जरूरत पड़ने पर 10-12 दिन बाद दूसरा छिड़काव करें।

हरियाणा में मधुमक्खी पालन पर बीमा सुरक्षा लागू, 50 रुपये में मिलेगा 1250 रुपये तक का क्लेम | haryana-mukhyamantri-bagwani-bima-yojana-beekeeping-insurance-claim
हरियाणा में मधुमक्खी पालन पर बीमा सुरक्षा लागू, 50 रुपये में मिलेगा 1250 रुपये तक का क्लेम

हरा तेला और सफेद मक्खी का प्रकोप

अगस्त में हरे तेले का खतरा बढ़ता है। अगर प्रति पत्ता 2 शिशु तेला दिखें, तो 60 ग्राम फ्लॉनिकामिद (उलाला) 50 डब्लूजी या 400 मिलीलीटर एफीदोपयरोपेन (सैफीना) 50 जी/एल को 175-200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़कें। सफेद मक्खी के लिए, जब 8 प्रौढ़ प्रति पत्ता दिखें, तो 240 मिलीलीटर स्पाईरोमेसीफेन (ओबेरॉन) 240 एससी या 400 मिलीलीटर पाइरीप्रोक्सीफेन डायटा 10 ईसी को 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।

कोणदार धब्बों से बचाव

गेहूं-सरसों की बिजाई पर नहीं होगी डीएपी की किल्लत, हरियाणा पहुंचा खाद का नया रैक | haryana-fertilizer-supply-dap-urea-rabi-crops-wheat-mustard-sowing
गेहूं-सरसों की बिजाई पर नहीं होगी डीएपी की किल्लत, हरियाणा पहुंचा खाद का नया रैक

फसल को कोणदार धब्बों की बीमारी से बचाने के लिए अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने सलाह दी कि 30-40 ग्राम प्लांटोमाइसिन या 6-8 ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लिन और 600-800 ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड प्रति एकड़ के घोल का 15-20 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें। 2,4-डी कपास के लिए हानिकारक है। अगर इससे पौधे प्रभावित हों, तो 15 सेमी तक प्रभावित कोंपलों को काट दें और 2.5% यूरिया व 0.5% जिंक सल्फेट के घोल का छिड़काव करें।

औषधीय पौधों की खेती कैसे शुरू करें? जानिए शतावर, मूसली और मेंथा का सटीक बाजार भाव | medicinal-plants-farming-shatavari-mentha-ashwagandha-profit-cost-market-rate
औषधीय पौधों की खेती कैसे शुरू करें? जानिए शतावर, मूसली और मेंथा का सटीक बाजार भाव

भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment