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हरियाणा में कपास के भाव 7710 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे

On: दिसम्बर 29, 2025 5:49 अपराह्न
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हरियाणा में कपास के भाव 7710 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे
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हरियाणा के जींद जिले की उचाना अनाज मंडी में शनिवार को कपास के दाम इस सीजन के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर दर्ज किए गए। उच्च गुणवत्ता वाली कपास का भाव 7710 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

हरियाणा में कपास की कीमतों में तेज उछाल

उचाना अनाज मंडी में इस सप्ताह कपास के भाव में लगातार मजबूती देखी गई। सप्ताह की शुरुआत में जहां अधिकतम भाव 7470 रुपये प्रति क्विंटल था, वहीं शनिवार तक इसमें करीब 240 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह बढ़त मुख्य रूप से बेहतर गुणवत्ता वाली कपास में देखने को मिली।

कृषि बाजारों के जानकारों के अनुसार, राज्य में सीमित आवक और गुणवत्ता वाली फसल की मांग बढ़ने से कीमतों को समर्थन मिला है।

किसानों के लिए क्यों अहम है यह बढ़ोतरी

इस साल हरियाणा के कई हिस्सों में लगातार बारिश और नमी के कारण कपास की पैदावार प्रभावित हुई। कई किसानों को उत्पादन में कमी और बीमारी का सामना करना पड़ा।

ऐसे में बढ़ते भाव किसानों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि

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  • आर्थिक नुकसान की आंशिक भरपाई हो सकती है

  • उत्पादन लागत निकलने की संभावना बढ़ती है

  • आने वाले सीजन के लिए खेती का भरोसा बना रहता है

उचाना मंडी में पहुंचे किसानों का कहना है कि यदि भाव 8000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचते हैं, तो स्थिति और बेहतर हो सकती है।

कपास की खेती पर बढ़ती चुनौतियां

कपास उत्पादक किसान लंबे समय से कुछ संरचनात्मक समस्याओं की ओर इशारा कर रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं

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  • फसल में बढ़ती बीमारियां

  • हर साल बिजाई क्षेत्र में गिरावट

  • उन्नत और रोग प्रतिरोधी बीजों की कमी

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते बेहतर बीज और तकनीकी मार्गदर्शन नहीं मिला, तो कपास का रकबा और घट सकता है।

मार्केट कमेटी का क्या कहना है

उचाना अनाज मंडी की मार्केट कमेटी सचिव के अनुसार, बीते कुछ दिनों से कपास के भाव में निरंतर तेजी बनी हुई है। जिन किसानों ने अपनी फसल घरों में सुरक्षित रखी थी, वे अब मंडी में आवक बढ़ा रहे हैं ताकि ऊंचे दाम का लाभ लिया जा सके।

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कमेटी के मुताबिक, मांग और गुणवत्ता के आधार पर आने वाले दिनों में कीमतों में हल्का उतार चढ़ाव रह सकता है।

आगे क्या हो सकता है

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि मौसम अनुकूल रहता है और बाजार में अचानक आवक नहीं बढ़ती, तो कपास के दाम फिलहाल मजबूत बने रह सकते हैं। साथ ही सरकार द्वारा बीज और फसल सुरक्षा पर ध्यान देने से लंबे समय में कपास उत्पादकों को स्थिरता मिल सकती है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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