Dhan ki kheti: Increase paddy production with scientific advice, new smart formula: धान की बंपर पैदावार के लिए टिप्स (paddy farming tips) जानना बेहद जरूरी है, खासकर जब मौसम अनुकूल हो। मुजफ्फरपुर में धान की रोपाई शुरू हो चुकी है और कृषि विशेषज्ञ डॉ. अर्पिता नालिया ने किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए सलाह दी है।
उन्होंने बताया कि धान की किस्म का चुनाव सबसे पहला कदम है। सही वैरायटी से ना केवल उपज बेहतर होती है बल्कि फसल बीमारियों से भी सुरक्षित रहती है। साथ ही किसान (direct seeded rice method) अपनाकर खेत की जुताई और कदवा के खर्च से बच सकते हैं।
DSR तकनीक में रो-टू-रो 20 सेमी और पौधों के बीच की दूरी 10 सेमी रखने से हवा का प्रवाह बना रहता है, जिससे रोग और कीट का प्रकोप कम होता है।
खरपतवार खत्म करने के लिए अपनाएं यह तरीका Dhan ki kheti
खरपतवार की सही समय पर सफाई फसल को स्वस्थ रखने के लिए अनिवार्य है। डॉ. अर्पिता के अनुसार, बिस्पैरेबिक सोडियम और पैराजोल मिथाइल (weed control chemical) को 15 लीटर पानी में मिलाकर खेत में छिड़काव करने से लगभग सभी प्रकार के खरपतवार खत्म हो जाते हैं।
खुले और हवादार खेतों में कीट और बीमारी का जोखिम कम हो जाता है और पौधों का विकास बेहतर होता है।
पौधों के विकास के लिए जिंक जरूरी
अक्सर किसान यूरिया और पोटाश का छिड़काव तो करते हैं, लेकिन जिंक की अनदेखी कर देते हैं। इससे पौधों में ‘खैरा रोग’ (khaira disease solution) हो सकता है, जिससे पौधे कमजोर हो जाते हैं।
इसका समाधान है प्रति एकड़ 10 किलो जिंक सल्फेट हेप्टा (zinc in paddy farming) का प्रयोग। अगर रोपाई के समय छूट जाए तो 30 दिन बाद 5 ग्राम जिंक को प्रति लीटर पानी में मिलाकर फोलिएर स्प्रे भी किया जा सकता है।
वर्तमान मौसम अनुकूल है और अगर किसान इन वैज्ञानिक तरीकों से खेती करें तो इस साल धान की बंपर पैदावार की पूरी संभावना है।













