Dragon Fruit Farming Sirsa, (सिरसा) : सिरसा के रंगड़ी खेड़ा के प्रगतिशील किसान गुरशरण सिंह ने खेती के जुनून में सरकारी नौकरी छोड़ दी। उन्होंने करीब 1.5 एकड़ जमीन पर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की और 4 साल में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। गुरशरण ने खेत में सी, इजरायली यलो, जंबो रेड और क्रॉस ब्रीड समेत 4 किस्मों के 762 पौधे लगाए हैं।
ऐसे शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती
पौधों को सहारा देने के लिए 8 फीट ऊंचे सीमेंट के खंभे और लोहे की तारों का जाल लगाया है। हर साल करीब 27 लाख रुपये की आमदनी हो रही है, जो पारंपरिक गेहूं-धान की करीब 8 एकड़ फसल के बराबर है। उन्होंने 10 लोगों को रोजगार भी दिया है। गुरशरण बताते हैं कि उन्होंने नप में सचिव पद से सितंबर 2020 में वीआरएस ले लिया और ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की।
साउथ अफ्रीका से क्रॉस ब्रीड किस्म के पौधे मंगवाए। जिले में उनका पहला बाग है। उनके खेत से डॉक्टर और अधिकारी खुद फल ले जाते हैं। डेंगू से राहत के लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टर अब ड्रैगन फ्रूट की सलाह देते हैं। ये कोलेस्ट्रॉल कम करता है।
हर प्रकार की मिट्टी में हो सकता है
सिरसा कृषि विज्ञान केंद्र के मृदा विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र सिंह जाखड़ बताते हैं कि ड्रैगन फ्रूट को कम पानी और किसी तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है। एक पौधा 18 महीने में फल देना शुरू करता है और 20 साल तक फल देता है। ड्रैगन फ्रूट की खेती में कम पानी की जरूरत है। किसी भी प्रकार की मिट्टी में हो सकती है। एक पौधे से सालाना 80 फल तक मिलते हैं। एक किलो ड्रैगन फ्रूट का बाजार मूल्य 150 से 250 रुपये किलो है। 762 पौधों से 27 लाख रुपये तक की आमदनी ले रहे हैं।












