ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Grafting Farming Benefits: आम के पेड़ पर नींबू और अमरूद? ग्राफ्टिंग से क्या है संभव, जानें एक्सपर्ट की राय!

On: सितम्बर 1, 2025 8:44 पूर्वाह्न
Follow Us:
Grafting Farming Benefits: आम के पेड़ पर नींबू और अमरूद? ग्राफ्टिंग से क्या है संभव, जानें एक्सपर्ट की राय!
Join WhatsApp Group

Grafting Farming Benefits: Lemon and guava on a mango tree? What is possible with grafting, know the opinion of experts!: छतरपुर, कृषि न्यूज | क्या आपने कभी सुना है कि एक ही पेड़ पर कई तरह के फल या फूल उगाए जा सकते हैं? जी हाँ, ग्राफ्टिंग नाम की खास तकनीक से यह मुमकिन है! उद्यानिकी एक्सपर्ट डॉ. कमलेश अहिरवार के मुताबिक, ग्राफ्टिंग की मदद से एक ही पौधे पर कई अच्छी किस्में उगाई जा सकती हैं।

यह तकनीक न सिर्फ फसलों की पैदावार बढ़ाती है, बल्कि किसानों के लिए भी फायदेमंद है। लेकिन क्या आम के पेड़ पर नींबू या अमरूद उगाया जा सकता है? आइए, इस अनोखी तकनीक की पूरी जानकारी आसान भाषा में समझते हैं।

ग्राफ्टिंग क्या है? Grafting Farming Benefits

छतरपुर के नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. कमलेश अहिरवार बताते हैं कि ग्राफ्टिंग एक ऐसी तकनीक है, जिसमें एक पौधे के ऊपरी हिस्से को दूसरे पौधे की जड़ों के साथ जोड़ा जाता है।

कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े | haryana-monsoon-2026-paddy-production-loss-drought-impact-district-wise-report
कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े

यह पौधे एक ही प्रजाति या निकट संबंधी होने चाहिए। इस तकनीक से न सिर्फ पौधों की क्वालिटी बेहतर होती है, बल्कि एक ही पेड़ पर कई वैरायटी उगाई जा सकती हैं। यह खेती को और रोमांचक और लाभकारी बनाती है।

फलों में ग्राफ्टिंग का तरीका 

फलों की ग्राफ्टिंग की बात करें तो आम इसका अच्छा उदाहरण है। डॉ. कमलेश के अनुसार, अगर आप आम की आम्रपाली वैरायटी में ग्राफ्टिंग करते हैं, तो उसी वैरायटी की कलम लगानी होगी।

आम के पेड़ पर दूसरी वैरायटी या कोई दूसरा फल जैसे नींबू या अमरूद की ग्राफ्टिंग नहीं की जा सकती। अभी तक अलग-अलग प्रजातियों के फलदार पेड़ों में ग्राफ्टिंग संभव नहीं है। इसका मतलब है कि आम के पेड़ पर सिर्फ आम की ही वैरायटी उगाई जा सकती है।

मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल फिर खुला: हरियाणा सरकार ने दोबारा शुरू किया फसल पंजीकरण, जानें प्रक्रिया | meri-fasal-mera-byora-portal-reopens-kharif-registration-haryana-farmers
मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल फिर खुला: हरियाणा सरकार ने दोबारा शुरू किया फसल पंजीकरण, जानें प्रक्रिया

क्या आम पर नींबू या अमरूद संभव है?

डॉ. कमलेश साफ करते हैं कि आम जैसे फलदार पेड़ों में दूसरी वैरायटी या दूसरे फल की ग्राफ्टिंग नहीं हो सकती।

यानी, आम के पेड़ पर नींबू या अमरूद की कलम लगाना संभव नहीं है। यह तकनीक केवल एक ही प्रजाति के पौधों के लिए काम करती है। इसलिए, अगर आप सोच रहे हैं कि आम के पेड़ पर नींबू उगा लेंगे, तो यह अभी मुमकिन नहीं है।

सब्जियों और फूलों में ग्राफ्टिंग

रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम | yamunanagar-rainfall-paddy-crop-rice-leaf-folder-pest-august-2026
रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम

सब्जियों और फूलों में ग्राफ्टिंग थोड़ी अलग है। उदाहरण के तौर पर, टमाटर के पौधे में बैंगन की कलम लगाना संभव है, क्योंकि ये दोनों निकट संबंधी प्रजातियाँ हैं।

इसी तरह, गुलाब के पौधे में ग्राफ्टिंग के जरिए एक ही पेड़ पर लाल, पीला और सफेद गुलाब की वैरायटी उगाई जा सकती हैं। यह तकनीक फूलों की खेती को और आकर्षक बनाती है, क्योंकि एक ही पौधे पर अलग-अलग रंगों के फूल देखने को मिलते हैं।

ग्राफ्टिंग एक ऐसी तकनीक है, जो खेती को नया आयाम दे रही है। यह न सिर्फ किसानों को बेहतर पैदावार देती है, बल्कि एक ही पौधे पर कई वैरायटी उगाने का मौका भी देती है। हालांकि, फलों में यह केवल एक ही प्रजाति के लिए काम करती है, लेकिन सब्जियों और फूलों में अलग-अलग वैरायटी के साथ प्रयोग किए जा सकते हैं। अगर आप भी खेती में कुछ नया आजमाना चाहते हैं, तो ग्राफ्टिंग आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है।

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment