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Guava Farming: अमरूद की खेती का कमाल! सोनू की मेहनत से बाग में खिल रही मिठास

On: सितम्बर 9, 2025 6:26 पूर्वाह्न
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Guava Farming: अमरूद की खेती का कमाल! सोनू की मेहनत से बाग में खिल रही मिठास
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Guava Farming: Amazing guava farming! Sonu’s hard work is bringing sweetness to the garden: फरीदाबाद | बागवानी खेती आज किसानों के लिए कमाई का शानदार जरिया बन रही है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है मेरठ के किसान सोनू की, जो फरीदाबाद के छायंसा गांव में 10 एकड़ जमीन पर अमरूद का बाग पट्टे पर लेकर खेती कर रहे हैं।

उनके बाग में बर्फ खाना, कासगंज और ताइवान पिंक जैसी बेहतरीन क्वालिटी की अमरूद की किस्में उगाई जा रही हैं। सोनू बताते हैं कि अमरूद की खेती दिखने में जितनी आसान लगती है, उतनी है नहीं। इसमें दिन-रात की मेहनत और भारी लागत लगती है। आइए जानते हैं उनकी खेती की कहानी।

40 हजार रुपये प्रति किला Guava Farming

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सोनू ने बताया कि एक एकड़ में करीब 200 अमरूद के पेड़ लगे हैं और जमीन 40 हजार रुपये प्रति किला ठेके पर ली गई है। यह बाग साल में दो बार फल देता है। बाग पहले से तैयार था, जिसे उन्होंने दो साल पहले ठेके पर लिया। अमरूद की खेती में सबसे बड़ी चुनौती है कीटों और मक्खियों से फसल को बचाना।

बाहर से चमकदार दिखने वाले अमरूद कई बार अंदर से कीड़े निकलने की वजह से खराब हो जाते हैं। इसके लिए साइपर 25 और अल्फा मीथेन जैसी दवाओं का इस्तेमाल होता है। साथ ही, दीमक से बचाने के लिए चुना और अन्य दवाइयां डाली जाती हैं। सोनू बताते हैं कि हर 15 दिन में पेड़ों को पानी देना जरूरी है, वरना पैदावार पर असर पड़ता है।

बाजार में मंदी का असर

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इस बार बाजार में मंदी की वजह से अमरूद की कीमतें कम हैं। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ की मंडियों में एक कैरेट (20-22 किलो) अमरूद 300 से 350 रुपये में बिक रहा है।

पिछले सीजन में ऊंची कीमतों की वजह से अच्छा मुनाफा हुआ था, लेकिन इस बार ज्यादा बारिश ने भी पैदावार को प्रभावित किया। सोनू कहते हैं कि इस बाग के सहारे ही उनके परिवार की रोजी-रोटी चलती है।

मेहनत से मिलती है मिठास

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सोनू बताते हैं कि अमरूद के पेड़ों की समय-समय पर छंटाई और सफाई बहुत जरूरी है। इससे पौधों की ताकत सही दिशा में लगती है और ज्यादा फल मिलते हैं। कहावत है, “जितनी देखभाल, उतना मीठा फल,” और छायंसा गांव के ये अमरूद इस बात को पूरी तरह साबित करते हैं। सोनू की मेहनत और लगन की वजह से उनके बाग के अमरूद बाजार में खूब पसंद किए जाते हैं।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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