चंडीगढ़ (Haryana Budget 2026) . हरियाणा सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,23,658.17 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट पेश किया। मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री नायब सैनी ने विधानसभा में बजट रखते हुए कहा कि यह पिछले वर्ष की तुलना में 10.28% अधिक है। उन्होंने 1 लाख युवाओं को AI की ट्रेनिंग देकर रोजगार उपलब्ध कराने का ऐलान किया और दावा किया कि इस बार 98% बजट खर्च हुआ है, जो अब तक का सर्वाधिक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 से 2024 तक राजकोषीय घाटे में 2.75% की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल में यह 44% तक बढ़ा था। सरकारी उपक्रमों के घाटे में तीन गुना कमी आने का भी दावा किया गया। हांसी को आधुनिक जिले के रूप में विकसित करने की योजना भी बजट में शामिल है।
1 लाख युवाओं को AI ट्रेनिंग, रोजगार पर फोकस
सरकार ने 1 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है। ट्रेनिंग के बाद उन्हें रोजगार से जोड़ने की बात कही गई है।
इस घोषणा का असर प्रदेश के कॉलेज और तकनीकी संस्थानों पर पड़ेगा। आईटी और स्टार्टअप सेक्टर में अवसर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरी केंद्रों को सीधा फायदा मिल सकता है।
गन्ना और कपास किसानों को बढ़ी राहत
देशी कपास की खेती पर प्रोत्साहन राशि 3 हजार से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति एकड़ कर दी गई है। धान छोड़कर दालें, तिलहन और कपास उगाने पर प्रति एकड़ 2 हजार रुपए अतिरिक्त बोनस मिलेगा।
मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में फलों पर मुआवजा 50 हजार और सब्जियों व मसालों पर 40 हजार रुपए प्रति एकड़ कर दिया गया है। गन्ने की एकल आंख विधि और 4 फीट दूरी पर चौड़ी कतारों में रोपण पर प्रोत्साहन 5 हजार रुपए कर दिया गया है।
जिलों में नई परियोजनाएं, मंडियों में विशेष व्यवस्था
पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल की मंडियों में जैविक किसानों को फसल बेचने के लिए अलग स्थान मिलेगा। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण से प्रमाणित किसानों को अगले पांच साल तक 10 हजार रुपए प्रति एकड़ वार्षिक अनुदान दिया जाएगा।
भिवानी, रोहतक और गुरुग्राम समेत अन्य जिलों में 1.40 लाख एकड़ लवणीय भूमि को खेती योग्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2 हजार महिलाओं को खाद्य प्रशिक्षण देकर सीधे बाजार से जोड़ा जाएगा।
मत्स्य, डेयरी और पशुपालन पर निवेश
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिसार और फरीदाबाद में 100 करोड़ की लागत से मछली मंडियां स्थापित होंगी। करनाल में 50 करोड़ की लागत से मछली प्रसंस्करण इकाई बनाई जाएगी।
हिसार में 30 करोड़ रुपए से हरियाणा पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान केंद्र बनेगा। रेवाड़ी और अंबाला में 300-300 करोड़ रुपए की लागत से 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दो मिल्क प्लांट स्थापित होंगे।
यमुनानगर, रोहतक और फरीदाबाद में 9 करोड़ रुपए से मृदा-जल परीक्षण लैब बनेंगी। 20 करोड़ से ज्योतिसर और सांपला के मछली बीज फार्मों का आधुनिकीकरण होगा। 7 नए पशु औषधालय, 4 राजकीय पशु चिकित्सालय और 8 नई फूड टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी, जबकि करनाल में NABL प्रमाणित दूध व खाद्य परीक्षण लैब बनेगी।
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