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Haryana farmer success: खीरा और शिमला मिर्च की खेती से बना लखपति किसान: सरकारी नौकरी छोड़कर रच दी सफलता की कहानी

On: अगस्त 5, 2025 6:20 पूर्वाह्न
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Haryana farmer success: खीरा और शिमला मिर्च की खेती से बना लखपति किसान: सरकारी नौकरी छोड़कर रच दी सफलता की कहानी
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Haryana farmer success: Farmer became a millionaire by cultivating cucumber and capsicum: He left his government job and created a success story: खीरा और शिमला मिर्च की खेती (cucumber farming, capsicum farming) से हरियाणा के किसान मुकेश ने जो सफलता हासिल की है, वह आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। करनाल के गांव छपरियों के रहने वाले मुकेश पहले बागवानी विभाग में फील्ड कंसल्टेंट थे। लेकिन साल 2021 में उन्होंने 2 एकड़ जमीन पर नेट हाउस लगाकर खीरे की खेती शुरू की।

तीन फसलें लीं और मुनाफा इतना बढ़ा कि उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने खेती को ही अपना पूरा समय देना शुरू किया और आज 8 एकड़ में नेट हाउस लगाकर ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं।

ऑर्गेनिक खेती से बढ़ी आमदनी और पहचान Haryana farmer success

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मुकेश ने मल्टीस्टार वैरायटी का खीरा और बचाटा व एप्रेन शंकर किस्म की शिमला मिर्च (capsicum farming) उगाकर पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे शहरों तक अपनी फसल पहुंचाई। खास बात यह है कि वे केंचुआ खाद (vermicompost fertilizer) खुद तैयार करते हैं और किसी भी रासायनिक दवा का प्रयोग नहीं करते।

उनकी खेती पूरी तरह ऑर्गेनिक है, जिससे न केवल गुणवत्ता बनी रहती है बल्कि बाजार में मांग भी अधिक रहती है। आज वे एक प्रगतिशील किसान (progressive farmer Haryana) के रूप में पहचाने जाते हैं और 24 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।

सब्सिडी और उत्पादन से मिली आर्थिक मजबूती

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खेती में सफलता का एक बड़ा कारण सरकार की सब्सिडी योजना (government subsidy farming) भी रही। साल 2021 में 2 एकड़ में नेट हाउस लगाने पर उन्हें 65% सब्सिडी मिली। 2023-24 में 6 एकड़ में नेट हाउस लगाने पर 50% सब्सिडी मिली। एक एकड़ में 550 से 750 क्विंटल तक खीरे का उत्पादन होता है।

एक साल में तीन बार फसल ली जा सकती है, जिससे खीरे से ₹10 लाख और शिमला मिर्च से ₹7–10 लाख तक की आमदनी हो जाती है। यह मॉडल खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाता है (profitable farming India)।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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