Haryana Horticulture Insurance: Relief to farmers, insurance till July 31, compensation of 30-40 thousand: हरियाणा बागवानी बीमा (Haryana Horticulture Insurance) योजना ने बागवानी किसानों के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं। हरियाणा सरकार ने सीएम बागवानी बीमा योजना (CM Horticulture Scheme) की समय सीमा को 31 मई से बढ़ाकर 31 जुलाई 2025 कर दिया है।
अब फल और सब्जी उगाने वाले किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल (Meri Fasal Mera Byora Portal) पर ऑनलाइन आवेदन कर बीमा करा सकते हैं। बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक सुधीर यादव ने बताया कि इस योजना से नुकसान की स्थिति में किसानों को 30,000 से 40,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा (compensation) मिलेगा। आइए, इस योजना की पूरी जानकारी समझते हैं।
बीमा योजना की नई समय-सीमा Haryana Horticulture Insurance
हरियाणा बागवानी बीमा (Haryana Horticulture Insurance) योजना के तहत अब किसानों को 31 जुलाई 2025 तक अपनी फसलों का बीमा कराने का मौका है। पहले यह समय-सीमा 31 मई थी, जिसे सरकार ने बढ़ाया है। फल और सब्जी उगाने वाले किसानों को केवल 2.5% प्रीमियम देना होगा।
सब्जी किसानों को 750 रुपये और फल किसानों को 1,000 रुपये प्रति एकड़ प्रीमियम (insurance premium) के रूप में जमा करना होगा। यह राशि बैंक के माध्यम से काटी जाएगी। यह योजना बागवानी किसानों को आर्थिक सुरक्षा (financial security) प्रदान करेगी और उनकी मेहनत को सुरक्षित रखेगी।
मुआवजे का प्रावधान
हरियाणा बागवानी बीमा (Haryana Horticulture Insurance) योजना के तहत फसल नुकसान (crop loss) की स्थिति में किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यदि सब्जियों की फसल को 100% नुकसान होता है, तो प्रति एकड़ 30,000 रुपये का मुआवजा (compensation) मिलेगा।
वहीं, फलों की फसल में पूर्ण नुकसान पर 40,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा। यह राशि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं (natural disasters) या अन्य कारणों से हुए नुकसान की भरपाई में मदद करेगी। सुधीर यादव ने बताया कि यह योजना किसानों को आर्थिक स्थिरता देगी और बागवानी को प्रोत्साहित करेगी।
आवेदन प्रक्रिया और सलाह
किसानों को हरियाणा बागवानी बीमा (Haryana Horticulture Insurance) का लाभ लेने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन (online application) करना होगा। आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी (transparent process) है।
किसानों को अपनी फसल का ब्योरा और अन्य जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। सुधीर यादव ने सलाह दी कि किसान समय-सीमा से पहले आवेदन करें, ताकि वे इस योजना का पूरा लाभ उठा सकें। यह योजना बागवानी क्षेत्र (horticulture sector) को मजबूत करेगी और किसानों को नुकसान से बचाएगी।
हरियाणा बागवानी बीमा (Haryana Horticulture Insurance) योजना किसानों के लिए एक वरदान है। यह न केवल उनकी फसलों को सुरक्षा देगी, बल्कि बागवानी को बढ़ावा भी देगी।











