Haryana Rain Damage Crops: Continuous rains cause destruction in fields, farmers in trouble again: Haryana Rain Damage Crops की वजह से राज्य के अनेक जिलों में खेत जलमग्न हो गए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 21 जुलाई की रात से (IMD rainfall alert) के तहत मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है।
पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र और कैथल में (Haryana Yellow Alert) जारी किया गया है। सिर्फ सोमवार को ही इन जिलों में औसतन 6 से 21 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे हजारों एकड़ जमीन पर पानी भर गया।
जलभराव ने बिगाड़ा हाल, 55 हजार एकड़ फसलें बर्बाद Haryana Rain Damage Crops
लगातार हो रही तेज बारिश से (waterlogged fields Haryana) में फसलें डूब गई हैं। झज्जर में 12 हजार एकड़, रोहतक में करीब 19 हजार, हिसार में 7 हजार और फतेहाबाद में 1800 एकड़ फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
यमुनानगर के पांच गांवों में 500 एकड़ से अधिक धान की फसल दोबारा रोपनी करनी पड़ी। वहीं सिरसा में नरमा, ग्वार और मूंगफली की फसलें तबाह हो गईं, जिससे किसानों ने मजबूरी में ट्रैक्टर चला दिए।
कई इलाकों में पंपसेट लगाकर पानी निकाला जा रहा है। कुरुक्षेत्र, भिवानी और इंद्री क्षेत्र में स्थिति और खराब है, जहां किसानों को जान जोखिम में डालकर (farmers struggling Haryana) काम करना पड़ रहा है।
मौसम की मार से तापमान गिरा, पर उमस ने सताया
बारिश के चलते तापमान में गिरावट जरूर आई लेकिन पानीपत, जींद और करनाल जैसे क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी के बाद (rain humidity rise) के कारण उमस में वृद्धि हो गई।
अंबाला और यमुनानगर में तो सड़कों पर भी जलभराव हो गया, जिससे ट्रैफिक जाम और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस समय राज्य भर में किसानों की हालत सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है।











