Horticulture Subsidy haryana Farmers: चंडीगढ़ | हरियाणा के अनुसूचित जाति (SC) परिवारों के किसानों के लिए एक शानदार खबर है! राज्य सरकार ने इन किसानों के लिए एक खास योजना शुरू की है, जिसका नाम है एकीकृत बागवानी विकास योजना।
इस योजना का मकसद है SC किसानों को बागवानी फसलों की खेती में मदद करना, जिसमें उन्हें पैसे की सहायता, ट्रेनिंग और आधुनिक तकनीकों का ज्ञान दिया जाएगा। यह योजना न सिर्फ उनकी आय बढ़ाएगी, बल्कि खेती को और आसान और लाभकारी बनाएगी।
किसानों को मिलेगा खास प्रशिक्षण
मिशन फॉर इंटेग्रेटेड डेवलेपमेंट ऑफ होर्टिकल्चर (MIDH) के तहत यह योजना चल रही है। इसके जरिए किसानों को अच्छी क्वालिटी के बीज, खाद और कीटनाशकों पर 85% तक की सब्सिडी मिलेगी। इतना ही नहीं, मशरूम की खेती, बांस स्टैकिंग और ग्रीन हाउस या पॉली हाउस जैसी आधुनिक खेती की तकनीकों पर भी ट्रेनिंग दी जाएगी।
इस योजना में कई तरह की फसलें शामिल हैं, जैसे कि फल (आम, केला), फूल (गुलाब, गेंदा), सब्जियां और मसाले (हल्दी, मिर्च)। इसके अलावा, बागवानी मशीनीकरण के तहत किसानों को खेती के लिए जरूरी उपकरण खरीदने पर भी सब्सिडी मिलेगी। यह सब कुछ किसानों की मेहनत को और फलदायी बनाने के लिए है।
क्या हैं इस योजना की शर्तें?
बागवानी अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं। किसान के पास अपनी जमीन या पंजीकृत पट्टे पर जमीन होनी चाहिए। यह योजना खास तौर पर SC किसानों को फल और सब्जियों की आधुनिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है।
कृष्ण कुमार ने यह भी बताया कि पहचान के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड या वोटर आईडी जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे। अगर आप इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं, तो राज्य उद्यान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी जनसुविधा केंद्र पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
यह योजना हरियाणा के SC किसानों के लिए एक सुनहरा मौका है, जो उनकी खेती को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। अगर आप भी इसका हिस्सा बनना चाहते हैं, तो जल्दी से रजिस्ट्रेशन करें और इस मौके का फायदा उठाएं!













