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Innovation in Agriculture: शिवराज सिंह चौहान की ICAR के साथ अहम बैठक

On: May 1, 2025 10:15 AM
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Innovation in Agriculture: शिवराज सिंह चौहान की ICAR के साथ अहम बैठक
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Innovation in Agriculture, Important meeting of Shivraj Singh Chouhan with ICAR: कृषि क्षेत्र में नवाचार और किसानों की समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के उप महानिदेशकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

नई दिल्ली के एनएएससी कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस मैराथन बैठक में बीज विकास, मृदा परीक्षण, दलहन उत्पादन, और छोटे किसानों की आय वृद्धि जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। यह बैठक देश के कृषि क्षेत्र को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आइए, इस बैठक के प्रमुख बिंदुओं को समझते हैं।

किसानों की खुशहाली पर जोर Innovation in Agriculture

बैठक की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत के सपने को साकार करेगी।

उन्होंने ICAR के वैज्ञानिकों से अपील की कि वे छोटे और सीमांत किसानों तक नई तकनीकों और बेहतर बीजों को जल्द से जल्द पहुंचाने पर ध्यान दें। चौहान ने कहा, “जब खेतों में मेहनत करने वाला किसान खुशहाल होगा, तभी देश का विकास संभव है।” इस दिशा में, उन्होंने उच्च उपज देने वाली बीज किस्मों के विकास और दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया।

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बीज विकास और दलहन में आत्मनिर्भरता

बैठक में फसल प्रभाग ने अपनी भावी कार्ययोजना प्रस्तुत की, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के विकास और खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ाने पर चर्चा हुई।

चौहान ने दलहन की मेढ़ वाली किस्मों और सोयाबीन की खेती को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि वे ऐसी बीज किस्में विकसित करें, जो किसानों की लागत कम करें और उत्पादन बढ़ाएं। इसके लिए उन्होंने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ समन्वय की बात भी कही। साथ ही, सोयाबीन की खेती को खरीफ सीजन में लोकप्रिय बनाने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया।

मृदा परीक्षण और कीटनाशकों का सही उपयोग

कृषि की उत्पादकता बढ़ाने के लिए मृदा स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की बात कही गई। चौहान ने सुझाव दिया कि मृदा परीक्षण की सुविधा किसानों के खेतों तक पहुंचाई जाए, ताकि वे अपनी मिट्टी की जरूरतों को बेहतर समझ सकें।

इसके अलावा, कीटनाशकों के सही और सुरक्षित उपयोग पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में और अधिक शोध की जरूरत है, ताकि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

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छोटे किसानों के लिए मॉडल फार्म

बैठक में जलवायु परिवर्तन के अनुकूल खेती और छोटे किसानों के लिए मॉडल फार्म विकसित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। चौहान ने सुझाव दिया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष बीज किस्में तैयार की जाएं और इसके उत्पादों को राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रमाणित किया जाए।

उन्होंने छोटे किसानों को खेती के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, और मधुमक्खी पालन से जोड़ने की बात कही, ताकि उनकी आय में विविधता आए।

खेत से बाजार तक की व्यवस्था

कृषि मंत्री ने खेत से बाजार तक की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर भी बल दिया। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर कृषि समितियों की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि इससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। साथ ही, चारा उत्पादन और शुष्क क्षेत्रों में खेती के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ समन्वय की जरूरत बताई।

किसानों का भरोसा जीतने की पहल

स्थानीय किसान नेता राम अवतार ने इस बैठक की सराहना करते हुए कहा, “ऐसी पहलें किसानों को नई तकनीकों और अवसरों से जोड़ती हैं।

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अगर ये योजनाएं जमीन पर उतरें, तो छोटे किसानों की जिंदगी बदल सकती है।” वहीं, कृषि विशेषज्ञ डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि ICAR और सरकार का यह सहयोग कृषि क्षेत्र में क्रांति ला सकता है।

भविष्य की राह

यह बैठक न केवल कृषि अनुसंधान को नई दिशा देगी, बल्कि किसानों के लिए नई संभावनाएं भी खोलेगी। चौहान ने ICAR से अपील की कि वह अपनी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करे और छोटे किसानों को प्राथमिकता दे। उम्मीद है कि इन प्रयासों से भारतीय कृषि नई ऊंचाइयों को छूएगी और किसानों की जिंदगी में समृद्धि आएगी।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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