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kisan News: बरेली के 2.8 लाख किसानों के लिए अलर्ट: फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी, शिविरों का फिर होगा आयोजन

On: मई 12, 2025 6:31 पूर्वाह्न
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kisan News: बरेली के 2.8 लाख किसानों के लिए अलर्ट: फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी, शिविरों का फिर होगा आयोजन
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kisan News: Alert for 2.8 lakh farmers of Bareilly: Farmer registry not made, camps will be organized again: बरेली जिले के लाखों किसानों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। जिले के 5.45 लाख किसान पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं, लेकिन 2.8 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं बन पाई है।

बिना रजिस्ट्री के सरकारी योजनाओं का लाभ और सम्मान निधि की किस्त अटक सकती है। इस समस्या को हल करने के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों में दोबारा शिविर लगाने का फैसला किया है। आइए, इस मुद्दे की पूरी जानकारी लेते हैं।

फार्मर रजिस्ट्री: क्यों है जरूरी? kisan News

फार्मर रजिस्ट्री एक विशेष आईडी है, जो किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करती है। यह रजिस्ट्री पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के लिए अनिवार्य है। बरेली में 5.45 लाख किसानों में से केवल 2,62,226 (लगभग 48%) ने ही यह रजिस्ट्री कराई है।

बाकी 2.8 लाख किसान अभी भी इससे वंचित हैं। बिना रजिस्ट्री के किसानों को भविष्य में योजनाओं से जुड़े लाभ और सम्मान निधि की किस्तों में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। यह स्थिति किसानों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।

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अधिकारियों की लापरवाही, डीएम की नाराजगी

जिला प्रशासन के अनुसार, अधिकारियों की लापरवाही के चलते फार्मर रजिस्ट्री का काम धीमा रहा है। बरेली के जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीएम ने सभी ग्राम पंचायतों में फिर से शिविर लगाने का आदेश दिया है, ताकि बचे हुए किसान अपनी रजिस्ट्री करा सकें।

उप निदेशक कृषि अभिनंदन सिंह ने बताया कि सोमवार से इन शिविरों का आयोजन शुरू होगा। किसानों को रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, खतौनी, बैंक खाता नंबर और आधार से लिंक मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज लाने होंगे।

रजिस्ट्री में दिक्कतें और समाधान

उप निदेशक कृषि ने बताया कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में सबसे बड़ी समस्या दस्तावेजों में एकरूपता की कमी है। कई बार आधार, खतौनी और बैंक खाते में दर्ज नाम, पिता का नाम या अन्य विवरण मेल नहीं खाते, जिससे रजिस्ट्री अटक जाती है।

इस समस्या को दूर करने के लिए शिविरों में विशेष सहायता प्रदान की जाएगी। किसान अपने दस्तावेजों को ठीक करवाकर आसानी से रजिस्ट्री करा सकेंगे। इसके अलावा, जन सुविधा केंद्रों पर भी रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध है।

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फार्मर रजिस्ट्री कैसे कराएं?

किसान खुद भी घर बैठे फार्मर रजिस्ट्री कर सकते हैं। इसके लिए upfr.agristack.gov.in पर जाएं और आधार कार्ड, खतौनी, और आधार से लिंक मोबाइल नंबर की जानकारी दर्ज करें।

मोबाइल पर आए ओटीपी को भरने के बाद रजिस्ट्री नंबर जारी हो जाएगा। अगर ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत हो, तो नजदीकी जन सुविधा केंद्र पर आधार, खतौनी और मोबाइल नंबर लेकर रजिस्ट्री कराई जा सकती है। शिविरों में भी यह प्रक्रिया आसान और तेज होगी।

किसानों के लिए सलाह

किसानों से अपील है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराएं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना रुकावट मिल सके। दस्तावेजों को पहले से जांच लें और किसी भी तरह की गलती को सुधार लें।

अगर आपको प्रक्रिया समझने में दिक्कत हो, तो स्थानीय कृषि कार्यालय या शिविर में मौजूद अधिकारियों से संपर्क करें। यह रजिस्ट्री न केवल सम्मान निधि के लिए, बल्कि भविष्य की अन्य योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है।

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समय पर कार्रवाई जरूरी

बरेली जिला प्रशासन और कृषि विभाग इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं। शिविरों का आयोजन किसानों की सुविधा के लिए एक बड़ा कदम है। यह मौका उन 2.8 लाख किसानों के लिए सुनहरा है, जो अब तक रजिस्ट्री से वंचित हैं। समय रहते इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने हक को सुरक्षित करें।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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