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Kisan News: नकली उर्वरक पर सरकार की सख्ती: राज्यों को दिए सख्त निर्देश, किसानों को मिलेगा राहत

On: July 14, 2025 2:31 PM
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Kisan News: नकली उर्वरक पर सरकार की सख्ती: राज्यों को दिए सख्त निर्देश, किसानों को मिलेगा राहत
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Kisan News: Government’s strictness on fake fertilizers: Strict instructions given to the states, farmers will get relief: नकली उर्वरक पर सरकार की सख्ती अब ज़मीनी स्तर पर दिखाई देने लगी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर इस दिशा में तत्काल और मजबूत कार्रवाई की अपील की है।

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि देश की कृषि अर्थव्यवस्था को टिकाए रखने के लिए किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक समय पर मिलना ज़रूरी है। नकली या घटिया खाद न सिर्फ उपज को घटाती है, बल्कि किसानों की आय पर भी असर डालती है और अंततः देश की खाद्य सुरक्षा को भी खतरा पैदा कर देती है।

उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत होगी कार्रवाई Kisan News

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मंत्री चौहान ने अपने पत्र में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 का हवाला देते हुए कहा कि नकली और घटिया उर्वरकों की बिक्री पूरी तरह अवैध है, फिर भी कई इलाकों में इनका अवैध व्यापार बढ़ रहा है। इसलिए राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उर्वरकों की नियमित सैंपलिंग करें, गुणवत्ता की जांच करें और जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज करें।

लाइसेंस रद्द, सब्सिडी टैगिंग बंद और दोषियों को सजा दिलाने जैसे कड़े कदम उठाने की बात कही गई है, जिससे देशभर के किसानों को राहत मिल सके।

किसानों को जागरूक करने की योजना

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सरकार सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि किसानों को जागरूक करने की दिशा में भी काम कर रही है। मंत्री ने सुझाव दिया है कि किसान संगठनों को निगरानी प्रणाली में शामिल किया जाए और उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए कि असली और नकली खाद में कैसे अंतर करें।

इसके लिए सूचना प्रणाली और फीडबैक तंत्र तैयार करने की बात कही गई है ताकि किसान सीधे शिकायत दर्ज कर सकें। यह कदम कृषि प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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