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हिसार में लोकल आवक कम, आलू, प्याज और पेठे को छोड़ कोई सब्जी ₹50 प्रति किलो से कम नहीं

On: September 6, 2025 9:37 AM
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हिसार में लोकल आवक कम, आलू, प्याज और पेठे को छोड़ कोई सब्जी ₹50 प्रति किलो से कम नहीं
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हिसार। कई जगह पर खेतों में जलभराव और लगातार तेज बारिश के कारण लोकल सब्जियां खत्म हो गई हैं। इसके कारण सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। आलू, प्याज व पेठे को छोड़कर कोई भी सब्जी 50 रुपए किलो से कम नहीं है। सब्जियों के दाम अधिकतम 120 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं।

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जो सब्जियां पहले 10 से 20 रुपए किलोग्राम तक मिलती थी वे 70 रुपए किलोग्राम तक पहुंच गई है। घीया का भाव 70 से 80 रुपए किलोग्राम तक पहुंच गया है। बाकी सब्जियों के दाम भी कम नहीं है। टींडा 110 से 120 रुपए किलोग्राम तक बिक रहा है। इसके साथ ही फ्रूट के रेट भी बढ़ गए हैं।

मोरनी की तरफ से आ रही गोभी, बैंगलोर व नासिक से आ रहा टमाटर सब्जी मंडी के आढ़ती ललित राड़ा का कहना है कि लोकल सब्जियां लगभग समाप्त हो गई हैं। बारिश व बाढ़ का इन पर असर है। लोकल में केवल सिवानी की तरफ से कुछ सब्जियां जैसे ग्वार व मक्की हिसार में पहुंच रही हैं।

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इसके अलावा गोभी मोरनी की तरफ से आ रही है। कुछ गोभी यूपी से आ रही है। टमाटर भी दो-तीन जगह से आ रहा है। बैंगलोर व नासिक से टमाटर आ रहा है। राजस्थान के टोंक से भी कुछ सब्जियां यहां आ रही हैं। फ्रूट में सेब कश्मीर व हिमाचल से आ रहा है।

पंजाब में आलूकी खेती इस बार उम्मीद कम

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मंडी में आढ़तियों का कहना है कि पंजाब में अक्टूबर-नवंबर में आलू की बुवाई होती है। जहां बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हैं इस वहीं आलू की बुआई मुश्किल लग रही है। ऐसे में आलू के भाव में इजाफा हो सकता है। हालांकि यूपी में आलू की खेती होती है। इस बार पंजाब का आलू मिलने की कम उम्मीद लग रही है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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