Meham News, महम : पिछले कई दिनों से हो रही बारिश ने महम क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। खेत-खलिहान पानी से भर चुके हैं और गांवों की ओर जाने वाले रास्ते भी डूब गए हैं। हालत यह है कि भैणी सुरजन, सैमाण, भैणी चन्द्रपाल और भैणी महाराजपुर गांवों
में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। बारिश से खेतों में जलभराव का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे पानी गांवों में घुसने का खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश से घरों की दीवारों में दरारें आ रही हैं। जलघर और खेतों का पानी एक हो गया है, जिस कारण सप्लाई किया जाने वाला पानी पीला और बदबूदार हो गया है। यह पानी पीने लायक नहीं है। खेतों में लगे नलकूप डूब चुके हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
खेत और गलियां जलमग्न
भैणी सुरजन गांव के बाईपास पर स्थित दलित बस्ती में करीब दो दर्जन मकानों में दरारें आ चुकी हैं। कई जगह गलियां धंस गईं और गहरे गड्ढे बन गए। शौचालय के लिए खोदी गई कुइयां भी धंस चुकी हैं। दो-तीन मकानों की छत तक गिर गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो और मकान जमींदोज हो सकते हैं।
बारिश ने लोगों की जिंदगी तबाह की दलित बस्ती के राजकुमार, सुरेंद्र, सवेरा, सन्नी, विनोद, ईश्वर, सतबीर, सज्जन, अजीत, जसमेर, प्रवीण और बिजेंद्र का कहना है कि बारिश ने उनकी जिंदगी तबाह कर दी है। खेतों में पानी भरा है, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं है और मजदूरी का काम भी बंद पड़ा है। उन्होंने बताया कि घरों में दरारें आ रही हैं, शौचालय की कुइयां धंस चुकी हैं और गलियों में गहरे गड्ढे हो गए हैं।
फसलों और आजीविका पर संकट
खड़े पानी से बदबू उठने लगी है, जिससे बीमारियों के फैलने का डर सताने लगा है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अब तक कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि हाल जानने तक नहीं आया है। वहीं, गांव के श्रीओम, अनार सिंह और राजेश ने बताया कि चारों गांवों की करीब 10 हजार एकड़ से ज्यादा फसल पानी में डूबी हुई है। प्रशासन ने मोटर पंप जरूर लगाए हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण जलस्तर कम नहीं हो रहा। ऊपर से दूसरे गांवों का पानी भी खेतों में आकर मिल रहा है।
बचाव के लिए ग्रामीणों ने जो बांध बनाए थे, वे भी टूट चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत जल निकासी और रोकथाम के उपाय करने की मांग की है। इसके अलावा महम के बस स्टैंड व खेड़ी गांव में बने बिजलीघर में भी पानी खड़ा हो गया।













