ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

ईरान-इजरायल युद्ध से हरियाणा के किसानों को फायदा, 6200 रुपये क्विंटल बिक रहा पीला सोना

On: मार्च 11, 2026 5:44 अपराह्न
Follow Us:
ईरान-इजरायल युद्ध से हरियाणा के किसानों को फायदा, 6200 रुपये क्विंटल बिक रहा पीला सोना
Join WhatsApp Group

नूंह . हरियाणा के मेवात क्षेत्र से अन्नदाताओं के लिए एक बड़ी और सुकून देने वाली खबर सामने आई है। नूंह जिले की अनाज मंडियों में इन दिनों सरसों की बंपर आवक देखने को मिल रही है। राज्य सरकार आगामी 28 मार्च से सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद शुरू करने जा रही है। लेकिन नूंह के किसानों को सरकारी खरीद का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है, क्योंकि खुले बाजार में ही व्यापारी उन्हें अपनी फसल का 6,200 रुपये प्रति क्विंटल का पूरा भाव दे रहे हैं।

मेवात के किसानों के चेहरों पर इस बार दोगुनी खुशी है। एक तरफ पूरे सीजन मौसम मेहरबान रहा जिससे पैदावार बंपर हुई, वहीं दूसरी तरफ बाजार में उपज के भाव आसमान छू रहे हैं। थोड़ी बहुत नमी वाली फसल लेकर मंडी पहुंच रहे किसानों को भी आसानी से 5,800 रुपये प्रति क्विंटल तक का नकद रेट मिल रहा है।

मंडियों में पहुंचा 10 हजार क्विंटल से ज्यादा पीला सोना

नूंह अनाज मंडी में सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। व्यापारी भी हाथों-हाथ किसानों का माल खरीद रहे हैं। ताजे आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक मेवात क्षेत्र की विभिन्न मंडियों में 10 हजार क्विंटल से ज्यादा सरसों की खरीद हो चुकी है। फसल का तुरंत और नकद भुगतान मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति सीधा मजबूत हो रही है।

20% तक बढ़ेगी अगली फसल की पैदावार, खरीफ बीज भंडारण के ये वैज्ञानिक नियम अपनाएं किसान | kharif-seed-storage-scientific-methods-moisture-guidelines-farmers
20% तक बढ़ेगी अगली फसल की पैदावार, खरीफ बीज भंडारण के ये वैज्ञानिक नियम अपनाएं किसान

ईरान-इजरायल युद्ध का नूंह के किसानों को सीधा फायदा

नूंह मंडी में सरसों के भाव में आई इस अचानक तेजी के पीछे एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय कारण भी छिपा है। पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे भारी युद्ध और तनाव ने वैश्विक खाद्य तेल बाजार को पूरी तरह हिला कर रख दिया है।

भारत में विदेशों से आने वाले पाम ऑयल के आयात में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पाम ऑयल की कमी की वजह से घरेलू बाजार में सरसों के तेल की डिमांड अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इसी बढ़ी हुई मांग का सीधा मुनाफा नूंह और पूरे हरियाणा के सरसों किसानों की जेब में जा रहा है।

आगे MSP से भी ऊंचे जा सकते हैं भाव

नूंह अनाज मंडी के चेयरमैन ने साफ तौर पर बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के मौजूदा हालात और घरेलू मांग को देखते हुए सरसों के भाव में तेजी लगातार बरकरार रहेगी। अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले कुछ ही दिनों में किसानों को सरकार द्वारा तय 6,200 रुपये के MSP से भी कहीं ज्यादा भाव मिल सकता है। मंडी पहुंच रहे किसान भी इस बार मौसम और बाजार, दोनों के साथ से बेहद संतुष्ट नजर आ रहे हैं।

गेहूं-चना छोड़ अपनाई रोजल हिबिस्कस की खेती, खेत में खिले फूल देख कृषि वैज्ञानिक भी हैरान | sagar-farmer-anmol-dubey-organic-roselle-hibiscus-farming-bina
गेहूं-चना छोड़ अपनाई रोजल हिबिस्कस की खेती, खेत में खिले फूल देख कृषि वैज्ञानिक भी हैरान

गन्ने की खेती छोड़ रहे हरियाणा के किसान अब 5000 रुपये की सब्सिडी से होगा मुनाफे का इंतजाम

हरियाणा कृषि की खबरों , ब्रेकिंग न्यूज़ और जिलेवार अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।

कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े | haryana-monsoon-2026-paddy-production-loss-drought-impact-district-wise-report
कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment