ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Sheep Farming: जीन-संपादित भेड़: किसानों के लिए नई उम्मीद

On: मई 31, 2025 8:48 पूर्वाह्न
Follow Us:
Sheep Farming: जीन-संपादित भेड़: किसानों के लिए नई उम्मीद
Join WhatsApp Group

Sheep Farming: Gene-edited sheep: New hope for farmers: जीन-संपादित भेड़ (gene-edited sheep) ने भारत में पशुपालन और कृषि क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत कर दी है। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SKUAST) ने CRISPR-Cas9 तकनीक की मदद से भारत की पहली जीन-संपादित भेड़ तैयार की है।

यह भेड़ न केवल ज्यादा मांस (meat production) देती है, बल्कि ऊन (wool production) के मामले में भी पीछे नहीं है। यह वैज्ञानिक उपलब्धि (scientific achievement) किसानों की आय (farmers income) को बढ़ाने और पशुपालन को आधुनिक (modern animal husbandry) बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आइए, इस अनोखी खोज की रोचक कहानी जानें।

CRISPR-Cas9: विज्ञान की जादुई चाबी Sheep Farming

CRISPR-Cas9 एक अत्याधुनिक जीन संपादन (gene editing) तकनीक है, जो वैज्ञानिकों को किसी जीव के डीएनए में सटीक बदलाव करने की ताकत देती है। इस तकनीक से मायोस्टेटिन (myostatin gene) नामक जीन को टारगेट किया गया, जो भेड़ की मांसपेशियों के विकास को नियंत्रित करता है।

रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम | yamunanagar-rainfall-paddy-crop-rice-leaf-folder-pest-august-2026
रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम

SKUAST के वैज्ञानिकों ने इस जीन में बदलाव कर भेड़ को तेजी से वजन बढ़ाने और ज्यादा मांस (meat production) देने में सक्षम बनाया। खास बात यह है कि इसमें किसी बाहरी जीन का इस्तेमाल नहीं हुआ। यह तकनीक (CRISPR technology) पशुपालन के भविष्य को बदलने की क्षमता रखती है।

किसानों के लिए डबल फायदा

भेड़ पालन (sheep farming) भारत के ग्रामीण और पर्वतीय इलाकों में आय का बड़ा स्रोत है। जीन-संपादित भेड़ (gene-edited sheep) सामान्य भेड़ों की तुलना में 30% अधिक वजनदार होती है। इससे मांस उत्पादन (meat production) में बढ़ोतरी होती है, जो किसानों की आय (farmers income) को सीधे तौर पर बढ़ाता है।

साथ ही, यह भेड़ मेरिनो नस्ल (merino breed) से संबंधित है, जिसकी देखभाल में ज्यादा मेहनत नहीं लगती। ऊन उत्पादन (wool production) के लिए भी यह भेड़ 2 से 2.5 किलो ऊन देती है। यानी, किसानों को मांस और ऊन (wool and meat) दोनों से फायदा (benefits for farmers) मिलेगा।

हरियाणा में DSR करने वाले किसानों को मिल सकते हैं 6 हजार रुपये प्रति एकड़, 2026-2030 की नई योजना तैयार | haryana-dsr-scheme-2026-paddy-alternative-crops-incentive-plan
हरियाणा में DSR करने वाले किसानों को मिल सकते हैं 6 हजार रुपये प्रति एकड़, 2026-2030 की नई योजना तैयार

चार साल की मेहनत, ऐतिहासिक नतीजा

इस जीन-संपादित भेड़ (gene-edited sheep) के पीछे SKUAST-कश्मीर के वेटरनरी साइंसेज फैकल्टी के डीन डॉ. रियाज अहमद शाह और उनकी टीम की चार साल की कड़ी मेहनत है।

इससे पहले, 2012 में डॉ. शाह की टीम ने भारत की पहली क्लोन की गई पश्मीना बकरी ‘नूरी’ (Noori goat) बनाकर सुर्खियां बटोरी थीं। अब इस नई वैज्ञानिक उपलब्धि (scientific achievement) ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। यह शोध पशुपालन समाचार (animal husbandry news) में नई उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। यह कदम भारत को आधुनिक पशुपालन (modern animal husbandry) में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

भविष्य की राह: कृषि और पशुपालन में क्रांति

मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : एक ही पेड़ पर उगेंगे दशहरी, लंगड़ा और चौसा, किसानों के लिए कमाल की है यह तकनीक
मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : एक ही पेड़ पर उगेंगे दशहरी, लंगड़ा और चौसा, किसानों के लिए कमाल की है यह तकनीक

जीन-संपादित भेड़ (gene-edited sheep) की सफलता CRISPR तकनीक (CRISPR technology) की ताकत को दर्शाती है। हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR द्वारा तैयार की गई जीन-संपादित चावल की किस्में लॉन्च की थीं।

अब भेड़ पालन (sheep farming) में यह नई खोज किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। यह वैज्ञानिक प्रगति (scientific progress) न केवल पशुपालन, बल्कि कृषि विज्ञान (agricultural science) को भी नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। आने वाले समय में यह तकनीक और क्षेत्रों में भी कमाल दिखा सकती है।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment