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Sirsa Cotton Farming: सिरसा में कपास की खेती: ‘सफेद सोना’ फिर लाएगा मुनाफा

On: मई 31, 2025 5:49 पूर्वाह्न
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Sirsa Cotton Farming: सिरसा में कपास की खेती: ‘सफेद सोना’ फिर लाएगा मुनाफा
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Sirsa Cotton Farming: Cotton farming in Sirsa: ‘White Gold’ will bring profit again: सिरसा में कपास की खेती (Sirsa Cotton Farming) एक बार फिर किसानों के लिए उम्मीद की किरण बन रही है। हरियाणा के सिरसा जिले में नई तकनीकों का जादू चल रहा है।

ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) और फर्टिगेशन जैसी आधुनिक विधियों से किसान न सिर्फ पानी बचा रहे हैं, बल्कि शानदार पैदावार भी हासिल कर रहे हैं। इससे कपास, जिसे कभी ‘सफेद सोना’ (White Gold) कहा जाता था, फिर से मुनाफे का सौदा बन रहा है। आइए, जानें कैसे सिरसा के किसान नए प्रयोगों से मालामाल होने की राह पर हैं।

नई तकनीक, नई उम्मीद: SABC की स्टडी Sirsa Cotton Farming

दक्षिण एशिया जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (SABC Study) ने सिरसा के गिदड़ा गांव में खरीफ 2024 (Kharif 2024) सीजन के दौरान एक खास प्रदर्शनी लगाई।

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इसमें पुनर्योजी कपास (Regenerative Cotton) की खेती को दर्शाया गया। स्टडी में पता चला कि ड्रिप सिंचाई, फर्टिगेशन (Fertigation) और एकीकृत कीट प्रबंधन (Integrated Pest Management) से कपास का उत्पादन (Cotton Production) बढ़ सकता है। सिरसा के उत्तर भारत उच्च तकनीक अनुसंधान स्टेशन पर यह प्रदर्शनी किसानों के लिए प्रेरणा बनी। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीक से न सिर्फ पैदावार बढ़ेगी, बल्कि खेती टिकाऊ भी होगी।

ड्रिप सिंचाई: पानी की बचत, मुनाफे में इजाफा

क्या आप जानते हैं कि ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) से 60-70% तक पानी की बचत (Water Saving) हो सकती है? सिरसा के रिटायर्ड वैज्ञानिक डॉ. दिलीप मोंगा और SABC के डॉ. दीपक जाखड़ किसानों को जागरूक कर रहे हैं। इस तकनीक से पानी सीधे जड़ों तक पहुंचता है।

इससे खरपतवार (Weed Control) कम होते हैं और फसल को सही पोषण मिलता है। फर्टिगेशन (Fertigation) के जरिए उर्वरक भी प्रभावी ढंग से इस्तेमाल होते हैं। सिरसा में कपास की खेती (Sirsa Cotton Farming) को यह तकनीक नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।

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टिकाऊ खेती: सौर ऊर्जा और जल भंडारण

पानी और पोषक तत्वों की दक्षता के लिए SABC ड्रिप फर्टिगेशन को बढ़ावा दे रहा है। मेटिंग डिसरप्शन (Mating Disruption) और फेरोमोन ट्रैप (Pheromone Trap) जैसे तरीकों से कीटों का प्रबंधन (Integrated Pest Management) आसान हो रहा है।

सौर ऊर्जा चालित सिंचाई (Solar-Powered Irrigation) और जल भंडारण टैंक (Water Storage Tank) अपनाने से टिकाऊ खेती (Sustainable Farming) को बल मिलेगा। इससे कपास की पैदावार (Cotton Yield) में बढ़ोतरी होगी। सिरसा के किसान (Sirsa Farmers) अब इन तरीकों से लाभ कमा सकते हैं। यह कपास को फिर से ‘सफेद सोना’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

किसानों के लिए सुनहरा मौका

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सिरसा में कपास की खेती (Sirsa Cotton Farming) की यह नई शुरुआत उम्मीद जगा रही है। एक समय कपास भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ थी, लेकिन अब यह संकट से जूझ रही है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के किसान उपज और गुणवत्ता की समस्याओं से परेशान हैं।

मगर सिरसा की प्रदर्शनी (Cotton Exhibition) ने नया रास्ता दिखाया। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकों से न सिर्फ पैदावार बढ़ेगी, बल्कि खेती लाभदायक (Profitable Farming) भी बनेगी। आइए, इस मौके को हाथ से न जाने दें और कपास को फिर से ‘सफेद सोना’ (White Gold) बनाएं।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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