ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Sugarcane Farming Success: सरताज खान की प्रेरक सफलता: गन्ने की खेती से करोड़पति किसान, यूपी का गौरव

On: मई 18, 2025 4:06 अपराह्न
Follow Us:
Sugarcane Farming Success: सरताज खान की प्रेरक सफलता: गन्ने की खेती से करोड़पति किसान, यूपी का गौरव
Join WhatsApp Group

Sugarcane Farming Success: Inspiring success of Sartaj Khan: Millionaire farmer from sugarcane farming, pride of UP: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाले सरताज खान (Sartaj Khan) ने गन्ने की खेती (sugarcane farming) को एक ऐसे लाभदायक व्यवसाय में बदला, जो आज न केवल उनकी आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि हजारों किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।

50 एकड़ जमीन पर उन्नत किस्मों की खेती करके वे सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर हासिल कर रहे हैं। उनकी मेहनत, आधुनिक तकनीकों का उपयोग, और सहफसली खेती की रणनीति ने “शाहीद फार्म्स” को शाहजहांपुर में एक मशहूर नाम बना दिया। हाल ही में सरताज खान कृषि जागरण की पहल “ग्लोबल फार्मर बिजनेस नेटवर्क” का हिस्सा बने हैं, जहां उनकी सफलता (success story) ने सबका ध्यान खींचा। आइए, इस प्रगतिशील किसान (progressive farmer) की प्रेरणादायक यात्रा को करीब से जानते हैं।

सरताज खान और गन्ने की खेती: परंपरा से नवाचार तक Sugarcane Farming Success

सरताज खान (Sartaj Khan) का परिवार पिछले 50 सालों से गन्ने की खेती (sugarcane farming) में संलग्न है। उनके पिता, जो एक अनुभवी और कुशल किसान थे, ने उन्हें छोटी उम्र से ही खेती की बारीकियां सिखाईं। पिता की सीख ने सरताज में खेती के प्रति गहरा लगाव और सम्मान पैदा किया।

उन्होंने इस पारिवारिक परंपरा को न केवल संजोया, बल्कि इसे आधुनिक तकनीकों और नई सोच के साथ एक नए स्तर पर ले गए। सरताज का मानना है कि खेती सिर्फ जीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज सेवा और आर्थिक प्रगति का एक शक्तिशाली माध्यम है। उनकी यह सोच उनकी सफलता (success story) की नींव बनी।

रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम | yamunanagar-rainfall-paddy-crop-rice-leaf-folder-pest-august-2026
रुक-रुककर बारिश से धान को राहत, लीफ फोल्डर का असर काफी कम

उन्नत तकनीकों का जादू

佐taj के पास कुल 70 एकड़ जमीन है, जिसमें से 50 एकड़ पर वे गन्ने की खेती करते हैं। उन्होंने अपने खेत का नाम “शाहीद फार्म्स” रखा, जो आज शाहजहांपुर और आसपास के इलाकों में एक जाना-माना ब्रांड बन चुका है। वे गन्ने की उन्नत किस्मों जैसे 13235, 0118, 14201, और 16202 की खेती करते हैं, जो उच्च उपज और बेहतर गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं। इन किस्मों से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 720 क्विंटल उपज मिलती है,

जो उनकी आय का प्रमुख स्रोत है। सरताज ट्रेंच विधि का उपयोग करते हैं, जिसमें दो आंख वाले गन्ने के टुकड़ों को बोया जाता है। यह तकनीक पौधों के जमाव और वृद्धि को बेहतर बनाती है। कतार से कतार की दूरी 2.5 से 4 फीट रखने से फसल की देखरेख आसान होती है, और पावर टिलर या मिनी ट्रैक्टर जैसे यंत्र कार्य को और कुशल बनाते हैं।

सरताज खान की सहफसली खेती की रणनीति

Sartaj खान (Sartaj Khan) की सफलता का एक बड़ा राज उनकी सहफसली खेती की रणनीति है। वे गन्ने के साथ सरसों, फूल गोभी, पत्ता गोभी, गेहूं, चना, और मटर जैसी फसलें उगाते हैं। इससे न केवल उनकी लागत निकल आती है, बल्कि अतिरिक्त आय भी होती है।

गन्ने की खेती में प्रति एकड़ लागत लगभग 40 हजार रुपये आती है, लेकिन एक एकड़ से 720 क्विंटल की उपज उन्हें लाखों रुपये का मुनाफा देती है। यह रणनीति न केवल उनकी आय को बढ़ाती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी बनाए रखती है। सरताज का यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि सही योजना और मेहनत से खेती को एक टिकाऊ और लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है।

हरियाणा में DSR करने वाले किसानों को मिल सकते हैं 6 हजार रुपये प्रति एकड़, 2026-2030 की नई योजना तैयार | haryana-dsr-scheme-2026-paddy-alternative-crops-incentive-plan
हरियाणा में DSR करने वाले किसानों को मिल सकते हैं 6 हजार रुपये प्रति एकड़, 2026-2030 की नई योजना तैयार

आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा

खान सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि अपने समुदाय के लिए भी एक मिसाल हैं। उन्होंने आसपास के किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत किस्मों, और सहफसली खेती के फायदे सिखाए। उनकी मेहनत और सफलता (success story) ने कई युवा किसानों को प्रेरित किया है, जो अब खेती को एक व्यवसाय के रूप में देख रहे हैं।

सरताज का मानना है कि अगर किसान नई तकनीकों को अपनाएं और बाजार की मांग को समझें, तो वे भी अपने खेतों को समृद्धि का स्रोत बना सकते हैं। “ग्लोबल फार्मर बिजनेस नेटवर्क” में उनकी भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि वे अपनी कहानी को देश-दुनिया तक ले जाना चाहते हैं।

समाज और नीति निर्माताओं के लिए संदेश

खान (Sartaj Khan) की कहानी यह सिखाती है कि खेती केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक ऐसा व्यवसाय है, जो आर्थिक और सामाजिक बदलाव ला सकता है। उनकी सफलता नीति निर्माताओं के लिए भी एक संदेश है कि किसानों को आधुनिक तकनीकों, प्रशिक्षण, और बाजार तक पहुंच प्रदान करके सशक्त किया जा सकता है।

सरताज जैसे प्रगतिशील किसान (progressive farmer) भारतीय कृषि की रीढ़ हैं, और उनकी कहानियां हमें यह विश्वास दिलाती हैं कि मेहनत और नवाचार से कोई भी सपना हकीकत बन सकता है। अगर आप एक किसान हैं, तो सरताज की कहानी आपको अपने खेत को नए तरीके से देखने के लिए प्रेरित करेगी।

मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : एक ही पेड़ पर उगेंगे दशहरी, लंगड़ा और चौसा, किसानों के लिए कमाल की है यह तकनीक
मल्टी वैरायटी मैंगो फार्मिंग : एक ही पेड़ पर उगेंगे दशहरी, लंगड़ा और चौसा, किसानों के लिए कमाल की है यह तकनीक

भविष्य की राह

खान की यात्रा यहीं खत्म नहीं होती। वे अपने खेत को और विस्तार देना चाहते हैं और अधिक किसानों को प्रशिक्षित करने की योजना बना रहे हैं। उनकी सफलता (success story) न केवल शाहजहांपुर, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश के लिए एक मिसाल है।

“शाहीद फार्म्स” आज एक ब्रांड है, जो मेहनत, नवाचार, और समर्पण का प्रतीक है। अगर आप खेती से जुड़े हैं, तो सरताज की कहानी आपको यह विश्वास दिलाएगी कि सही दिशा में किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता। यह समय है अपने खेत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का, और सरताज जैसे किसानों से प्रेरणा लेने का।

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment