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Sunflower Procurement Haryana: किसानों के लिए सुनहरा मौका, MSP 7280 रुपये!

On: June 3, 2025 5:51 AM
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Sunflower Procurement Haryana: किसानों के लिए सुनहरा मौका, MSP 7280 रुपये!
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Sunflower Procurement Haryana: Golden opportunity for farmers, MSP Rs 7280!: Sunflower Procurement Haryana की शुरुआत हो चुकी है, और यह हरियाणा के किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया है। राज्य सरकार ने 1 जून 2025 से पांच जिलों की 17 मंडियों में सूरजमुखी की खरीद शुरू कर दी है।

यह कदम किसानों की मेहनत को सही दाम दिलाने और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन मिलकर इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से चला रहे हैं। आइए, इस पहल के बारे में विस्तार से जानते हैं और समझते हैं कि यह किसानों के लिए कैसे फायदेमंद साबित होगी।

सूरजमुखी की खरीद: तारीख और MSP का लाभ Sunflower Procurement Haryana

हरियाणा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग ने 1 जून 2025 से सूरजमुखी की खरीद (sunflower procurement) शुरू की है, जो 30 जून 2025 तक चलेगी।

भारत सरकार ने PSS स्कीम के तहत 8,883 मीट्रिक टन सूरजमुखी खरीदने की मंजूरी दी है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 7,280 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाएगा। वर्तमान में बाजार भाव 6,400-6,500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच है, लेकिन MSP के जरिए किसानों को बेहतर आय की गारंटी मिलेगी। यह पहल किसानों के लिए एक वरदान है, जो उनकी मेहनत को सही मूल्य दिलाने में मदद करेगी।

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किन जिलों और मंडियों में हो रही है खरीद?

Haryana Sunflower Procurement 2025 (Haryana Sunflower Procurement 2025) के तहत पांच जिलों—अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और यमुनानगर—की 17 मंडियों में खरीद हो रही है। अंबाला जिले में अंबाला शहर, अंबाला कैंट, शहजादपुर, साहा और बराड़ा में हैफेड, जबकि मुलाना में हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (HWC) खरीद कर रहा है।

करनाल में हैफेड, कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद, थोल और झांसा में HWC, थानेसर, शाहबाद, लाडवा और बबैन में हैफेड, पंचकूला के बरवाला में हैफेड और यमुनानगर के साढौरा में HWC सक्रिय है। यह सुनियोजित व्यवस्था किसानों को अपनी फसल आसानी से बेचने का मौका दे रही है।

किसानों का पंजीकरण और पैदावार का अनुमान

इस साल 76,785 एकड़ में सूरजमुखी की बिजाई (sunflower cultivation) हुई है, और कृषि एवं कल्याण विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 44,062 मीट्रिक टन पैदावार की संभावना है।

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‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर 18,166 किसानों ने सूरजमुखी के लिए पंजीकरण कराया है। यह डिजिटल पहल किसानों को अपनी फसल का ब्यौरा दर्ज करने और खरीद प्रक्रिया में हिस्सा लेने की सुविधा देती है। पंजीकरण से सरकार को खरीद की योजना बनाने और किसानों को पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाने में मदद मिल रही है।

किसानों के लिए लाभ और भविष्य की उम्मीद

Haryana Sunflower Procurement 2025 (Haryana Sunflower Procurement 2025) न केवल किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाएगा, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।

पिछले साल 2024-25 में हैफेड ने सूरजमुखी की खरीद (sunflower procurement) की थी, और इस साल HWC का साथ जुड़ना इस प्रक्रिया को और प्रभावी बनाएगा। यह कदम किसानों के बीच विश्वास जगाता है कि सरकार उनकी मेहनत का सम्मान कर रही है। आने वाले सालों में ऐसी योजनाएं कृषि क्षेत्र को और सशक्त करेंगी।

सरकार का समर्थन और किसानों का उत्साह

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हरियाणा सरकार का यह कदम किसानों के लिए एक नई उम्मीद की किरण है। सूरजमुखी की खरीद (sunflower procurement) से न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि वे भविष्य में और अधिक उत्साह के साथ खेती करेंगे।

30 जून तक चलने वाली इस प्रक्रिया में किसानों से अपील है कि वे अपनी फसल को मंडियों में लाएं और MSP का लाभ उठाएं। यह पहल हरियाणा के कृषि क्षेत्र को नई दिशा दे रही है, और किसानों का उत्साह देखते ही बनता है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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