Surajmukhi Government Procurement: Government purchase of sunflower: Starting in Haryana Mandis from June 1, know the complete preparations!: सूरजमुखी की सरकारी खरीद (Surajmukhi government procurement) को लेकर हरियाणा के किसानों में उत्साह का माहौल है। 1 जून 2025 से राज्य की मंडियों में यह प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
किसान अपनी मेहनत से उगाई सूरजमुखी की फसल को मंडियों में लाने के लिए तैयार हैं। सरकार और मंडी प्रशासन ने इस खरीद को सुचारु और किसान हितैषी बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं। आइए, जानते हैं कि इस बार क्या खास है और किसानों के लिए क्या-क्या इंतजाम किए गए हैं।
हैफेड के जरिए होगी खरीद, पंजीकरण जरूरी Surajmukhi Government Procurement
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और हैफेड मिलकर सूरजमुखी की सरकारी खरीद (sunflower government procurement) को अंजाम देंगे। अंबाला कैंट की अनाज मंडी के सचिव नीरज भारद्वाज ने बताया कि 1 जून से खरीद शुरू हो जाएगी। जिन किसानों ने ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराया है,
उन्हें गेट पास जारी किए जाएंगे। यह पंजीकरण किसानों के लिए अनिवार्य है, ताकि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रहे। मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं, जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
किसानों की सुविधा का पूरा ध्यान
मंडियों में सूरजमुखी की सरकारी खरीद (sunflower government procurement) के दौरान किसानों को बेहतर अनुभव मिले, इसके लिए प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। मंडियों में सफाई और लाइटिंग की पुख्ता व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, अटल कैंटीन की सुविधा भी उपलब्ध है,
जहां किसान मात्र 10 रुपये प्रति प्लेट की दर से स्वादिष्ट और सस्ता भोजन ले सकते हैं। यह कदम किसानों के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि लंबे समय तक मंडी में रहने के दौरान भोजन की चिंता खत्म हो जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसानों को घर जैसा माहौल मिले।
बारिश से फसल को बचाने के विशेष प्रबंध
मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए मंडी प्रशासन ने बारिश से फसल की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए हैं। मंडी सचिव के अनुसार, आढ़तियों को फसल की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। सूरजमुखी की फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
किसान अपनी फसल को मंडी में सुखाने के लिए ला रहे हैं और शाम को सुखाकर वापस ले जा रहे हैं। यह व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि बारिश में फसल खराब होने का डर अब कम हो गया है।
किसानों के लिए एक नई उम्मीद
सूरजमुखी की सरकारी खरीद (sunflower government procurement) का लंबे समय से इंतजार कर रहे हरियाणा के किसानों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। मंडियों में बढ़ती भीड़ से साफ है कि किसान इस प्रक्रिया में पूरी रुचि दिखा रहे हैं।
सरकार और हैफेड का यह प्रयास न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी मजबूती देगा। यदि आप भी एक किसान हैं, तो अपनी फसल तैयार रखें और ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण जरूर कराएं। यह खरीद प्रक्रिया हरियाणा के कृषि इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रही है!













