Wheat crop: ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल को जबरदस्त फायदा हो रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने यूरिया, खरपतवार नियंत्रण, कीट प्रबंधन और अगेती फसल के लिए नई सलाह जारी की है। जानें कैसे बढ़ाएं पैदावार।
उत्तर भारत में लगातार गिरता तापमान जहां आम लोगों के लिए परेशानी लेकर आया है, वहीं गेहूं उगाने वाले किसानों के लिए यह मौसम किसी वरदान से कम नहीं है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समय की हल्की ठंड और रात का कम तापमान गेहूं की फसल को ऊर्जा देता है, जिससे उसका विकास तेज होता है और उपज में बढ़ोतरी होती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बढ़ती ठंड ने मिट्टी और वातावरण को ऐसा बना दिया है, जिसे गेहूं की फसल ‘आदर्श मौसम’ मानती है।
ठंड क्यों बढ़ाती है गेहूं की पैदावार? Wheat crop
करनाल स्थित भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान केंद्र (IIWBR) के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान औसत से नीचे रहने की संभावना है, जो गेहूं की बढ़वार के लिए बेहद फायदेमंद है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
ठंड में पौधों की टिलरिंग (कल्लों की संख्या) बढ़ती है।
रोगों के फैलने की संभावना कम हो जाती है।
नमी अधिक समय तक बनी रहने से पौधा पोषक तत्व बेहतर तरीके से सोख पाता है।
डॉ. सिंह के मुताबिक, ‘‘अगर जनवरी का तापमान सामान्य से थोड़ा नीचे रहे तो मार्च–अप्रैल की कटाई तक फसल की गुणवत्ता शानदार रहती है।’’
यूरिया डालने का सही समय—किसानों के लिए जरूरी सलाह
कृषि वैज्ञानिकों ने गेहूं में नाइट्रोजन (यूरिया) के इस्तेमाल को लेकर महत्वपूर्ण गाइडलाइन जारी की है।
कब करें छिड़काव?
बुवाई के 40–45 दिन के भीतर नाइट्रोजन की पूरी खुराक दे दें।
सिंचाई से ठीक पहले यूरिया डालें, जिससे खाद अच्छी तरह घुलकर पौधों तक पहुंच सके।
खरपतवार नियंत्रण कैसे करें?
अगर खेत में चौड़ी और संकरी दोनों तरह की पत्ती वाले खरपतवार मौजूद हों:
सल्फोसल्फ्यूरॉन 75 WG – 13.5 ग्राम प्रति एकड़
या
सल्फोसल्फ्यूरॉन + मेटासल्फ्यूरॉन – 16 ग्राम प्रति एकड़
इन्हें 120–125 लीटर पानी में मिलाकर पहला छिड़काव करें।
समय:
पहली सिंचाई से पहले
या
सिंचाई के 10–15 दिन बाद
अगेती गेहूं की फसल—ग्रोथ रेगुलेटर अनिवार्य
अगेती (early sowing) गेहूं में पौधा लंबा होने से गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति से बचने के लिए वैज्ञानिक ग्रोथ रेगुलेटर की सलाह देते हैं।
अनुशंसित मिश्रण:
क्लोरमेक्वाट क्लोराइड (CCC) – 0.2%
टेबुकोनाजोल 250 EC – 0.1%
कब करें स्प्रे?
पहला स्प्रे: बुवाई के 50 दिन बाद (नोड स्टेज)
दूसरा स्प्रे: बुवाई के 75–85 दिन बाद (ध्वज पत्ती स्टेज)
यदि किसानों ने पहला स्प्रे मिस कर दिया हो, तो 70–80 दिन के बीच एक बार स्प्रे किया जा सकता है।
कीट प्रबंधन—फसल को छेदक से कैसे बचाएं?
छेदक (stemborer) जैसे कीट गेहूं की उपज को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। वैज्ञानिकों की सलाह:
हल्का प्रकोप हो तो:
संक्रमित कल्लों को हाथ से तोड़ें और खेत से बाहर नष्ट करें।
नाइट्रोजन खाद को विभाजित मात्रा में दें, जिससे कीटों का फैलाव घटता है।
ज्यादा प्रकोप हो तो:
क्विनालफॉस 25% – 1000 मिलीलीटर
इसे 500 लीटर पानी में प्रति हेक्टेयर मिलाकर छिड़काव करें।
किसानों के लिए यह खबर क्यों महत्वपूर्ण?
लगातार ठंड के कारण गेहूं की बढ़वार तेज होगी।
पैदावार और दाने की गुणवत्ता दोनों बेहतर होने की संभावना है।
सही समय पर खाद और दवा का उपयोग फसल को रोगों व कीटों से बचाएगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सीजन गेहूं उत्पादन के लिए पिछले कुछ वर्षों में सबसे अनुकूल माना जा रहा है।












