Wheat weighing scam in Haryana mandis CM Flying’s raid reveals the dark truth: हरियाणा की अनाज मंडियों में हाल ही में हुए एक बड़े खुलासे ने किसानों और व्यापारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के निर्देश पर सीएम फ्लाइंग और सीआईडी की टीमों ने राज्य की 42 अनाज मंडियों में छापेमारी की, जिसमें गेहूं के तोल में भारी गड़बड़ी और अवैध स्टॉक का सनसनीखेज मामला सामने आया। इस कार्रवाई में 62 दुकानों पर 45 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया, जिसमें नूंह, रेवाड़ी और चरखी दादरी जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
छापेमारी का आगाज: किसानों की शिकायतों पर एक्शन Wheat weighing scam
पिछले कुछ समय से हरियाणा सरकार को अनाज मंडियों में गेहूं तोल में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। किसानों का आरोप था कि आढ़ती उनके गेहूं का वजन कम करके या बोरी में अतिरिक्त मात्रा भरकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सीआईडी और सीएम फ्लाइंग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। 16 अप्रैल 2025 से शुरू हुई इस छापेमारी में मंडियों की दुकानों और फर्मों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसके परिणाम चौंकाने वाले रहे।
कुरुक्षेत्र में बड़ा खुलासा: धोखाधड़ी का खेल
16 अप्रैल को कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी, थानेसर में सीएम फ्लाइंग की टीम ने मेसर्स पवन कुमार अजय कुमार फर्म पर छापा मारा। जांच में पाया गया कि फर्म का मालिक पवन कुमार सरकारी मानकों से अधिक गेहूं भरकर किसानों के साथ धोखा कर रहा था। इस गंभीर अपराध के लिए उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 316(2), 316(5), और 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। यह मामला केवल शुरुआत थी, क्योंकि इसके बाद कई अन्य मंडियों में भी ऐसी ही गड़बड़ियां सामने आईं।
करनाल, नूंह और रेवाड़ी में भारी गड़बड़ियां
करनाल के घरौंडा अनाज मंडी में मेसर्स मान सिंह सोनू कुमार फर्म में गेहूं की बोरियों में 2 से 3.6 किलोग्राम अतिरिक्त मात्रा पाई गई। फर्म का लाइसेंस एक सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। नूंह की पुन्हाना और तावडू मंडियों में भी कई दुकानों पर भारी जुर्माना ठोका गया, जिसमें तावडू की एक दुकान पर 1,05,360 रुपये का सबसे बड़ा जुर्माना शामिल है। रेवाड़ी के बावल और कोसली ब्लॉक में अवैध सरसों का स्टॉक पकड़ा गया, जहां नया गांव (जाटों वाला) में 1,500 क्विंटल अवैध सरसों के साथ 1,24,250 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अवैध स्टॉक और बिना लाइसेंस की फर्में
छापेमारी के दौरान कुल 62 दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 1,544.8 क्विंटल गेहूं, 6,465 क्विंटल सरसों और 943.8 क्विंटल अन्य फसलों का अवैध स्टॉक जब्त किया गया। कई फर्में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही थीं, जबकि कुछ ने रिकॉर्ड में हेराफेरी की थी। यह खुलासा किसानों के प्रति व्यापारियों की बेईमानी को उजागर करता है, जो उनकी मेहनत को लूटने का काम कर रहे थे।
आढ़ती एसोसिएशन की प्रतिक्रिया
हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन रजनीश ने इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि समय-समय पर ऐसी जांच जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई आढ़ती गलत काम करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, कुछ आढ़ती नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जुर्माने की राशि का जिला-वार ब्यौरा न देना कई सवाल खड़े करता है। उनका मानना है कि इससे कुछ आढ़तियों का अनावश्यक शोषण हो सकता है।
आगे क्या?
इस छापेमारी ने हरियाणा की अनाज मंडियों में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को रेखांकित किया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम फ्लाइंग की यह कार्रवाई न केवल गड़बड़ी करने वालों के लिए एक सबक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है। भविष्य में ऐसी जांच और सख्ती जारी रहने की उम्मीद है, ताकि मंडियों में धोखाधड़ी पर पूरी तरह लगाम लग सके।












