Bhakra water cut Haryana, INLD will take to the streets for Haryana’s water rights, protest against Bhakra water cut from May 5: हरियाणा में पानी का संकट गहराता जा रहा है, और अब इस मुद्दे पर इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने मोर्चा खोल दिया है।
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से हरियाणा के हिस्से के पानी में हो रही कटौती के खिलाफ INLD 5 से 7 मई तक में जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियों ने हरियाणा के किसानों और आम लोगों के हक को छीना है। इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने भी समर्थन का वादा किया है। आइए, इस मसले को विस्तार से समझते हैं।
भाखड़ा पानी कटौती: हरियाणा के लिए खतरे की घंटी Bhakra water cut Haryana
INLD के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत में बताया कि केंद्र सरकार ने 2022 में BBMB की संचालन व्यवस्था में बदलाव कर हरियाणा के पूर्णकालिक तकनीकी सदस्य को हटा दिया। यह सदस्य, जो सिंचाई विभाग का इंजीनियर होता था, हरियाणा के पानी के हक की निगरानी करता था।
इस बदलाव के बाद से भाखड़ा से हरियाणा को मिलने वाला पानी लगातार कम हो रहा है। माजरा ने चेतावनी दी कि अगर इस मुद्दे पर तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो हरियाणा का हाल सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर जैसे विवादों की तरह हो सकता है।
हरियाणा में गहराता जल संकट
हरियाणा, जो कृषि प्रधान राज्य है, पहले से ही जल संकट से जूझ रहा है। माजरा ने बताया कि राज्य के अधिकांश हिस्से अब ‘डार्क जोन’ में आ चुके हैं, जहां भूजल स्तर खतरनाक रूप से कम हो गया है। भाखड़ा का पानी हरियाणा की सिंचाई और पेयजल जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है।
इसकी कटौती से न केवल किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं, बल्कि आम लोगों को भी पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। INLD का कहना है कि यह कटौती हरियाणा के हक पर सीधा हमला है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
INLD का प्रदर्शन: जनता की आवाज बुलंद करने की तैयारी
INLD ने इस मुद्दे को जन आंदोलन बनाने का फैसला किया है। 5 से 7 मई तक हरियाणा के सभी जिलों में पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
ये प्रदर्शन केंद्र और राज्य सरकार को हरियाणा के पानी के हक के लिए जागरूक करने का प्रयास होंगे। माजरा ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक हरियाणा को उसका पूरा हक नहीं मिल जाता। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट हों और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाएं।
कुमारी सैलजा का समर्थन
इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने भी INLD को समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पानी का हक छिनना न केवल किसानों, बल्कि पूरे राज्य के लिए अन्याय है।
सैलजा ने केंद्र सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और हरियाणा के हितों की रक्षा करने की मांग की। उनका समर्थन इस मुद्दे को और व्यापक बनाने में मदद करेगा।
हरियाणा के लिए पानी क्यों जरूरी?
हरियाणा की अर्थव्यवस्था और जीवनशैली कृषि पर निर्भर है। भाखड़ा का पानी न केवल खेतों की सिंचाई के लिए जरूरी है, बल्कि यह गांवों और शहरों में पेयजल आपूर्ति का भी प्रमुख स्रोत है।
पानी की कमी से फसलों का उत्पादन कम हो रहा है, जिसका असर किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा पर पड़ रहा है। इसके अलावा, डार्क जोन में बढ़ते भूजल संकट ने हरियाणा के भविष्य को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। INLD का मानना है कि केंद्र सरकार की गलत नीतियां इस संकट को और गहरा रही हैं।
जनता के लिए सुझाव
पानी का संकट हरियाणा के हर नागरिक को प्रभावित करता है। इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने के लिए स्थानीय स्तर पर चर्चा करें और अपने प्रतिनिधियों से इसकी मांग करें।
पानी के संरक्षण के लिए घरेलू स्तर पर कदम उठाएं, जैसे बारिश के पानी का संचय और बुद्धिमानी से पानी का उपयोग। INLD के प्रदर्शनों में हिस्सा लेकर आप भी इस आंदोलन का हिस्सा बन सकते हैं।
हरियाणा का हक, हरियाणा की लड़ाई
INLD का यह आंदोलन हरियाणा के पानी के हक की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल सरकार को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश है, बल्कि हरियाणा की जनता को उनके अधिकारों के लिए एकजुट करने का प्रयास भी है। भाखड़ा के पानी का मुद्दा सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि हरियाणा के भविष्य से जुड़ा है। इस लड़ाई में जनता की भागीदारी और जागरूकता ही बदलाव ला सकती है।













