Fake female ASI: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने पुलिस की वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील बनाई और लोगों को ठगने का खेल रचा। यह फर्जी महिला ASI तब पकड़ी गई, जब उसकी सहेली के लापता होने की शिकायत ने पुलिस को उस तक पहुंचाया। आइए, इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल रील बनी मुसीबत Fake female ASI
कुरुक्षेत्र के पिहोवा क्षेत्र की रहने वाली आंचल नामक युवती ने इंस्टाग्राम पर पुलिस की वर्दी में हरियाणवी और पंजाबी गानों पर रील बनाकर खूब सुर्खियां बटोरीं। सिपाही और ASI की वर्दी में उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे। लेकिन यह चमक-दमक तब धरी रह गई, जब उसकी एक सहेली के लापता होने की शिकायत पुलिस तक पहुंची। इस मामले ने आंचल के फर्जीवाड़े की पोल खोल दी।
सहेली के गुमशुदा होने से खुला राज
पिहोवा के एक गांव की युवती दो दिन पहले लापता हो गई थी। उसके परिजनों ने थाना सदर पिहोवा में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अपनी सहेली आंचल के साथ गई थी। परिजनों का दावा था कि आंचल हरियाणा पुलिस में सिपाही है। पुलिस ने जब आंचल से संपर्क किया, तो उसने फोन पर पुलिस को ही धमकाने की कोशिश की। उसने दावा किया कि वह पुलिस ड्यूटी पर है और अपनी सहेली को बस स्टैंड पर छोड़कर चली गई थी। लेकिन उसकी बातों में विरोधाभास ने पुलिस को शक पैदा किया।
पुलिस की सतर्कता ने पकड़ा झूठ
थाना सदर पिहोवा के ASI दिलेर ने आंचल को पूछताछ के लिए बुलाया। आंचल ने दावा किया कि वह कुरुक्षेत्र (केयूके) थाने में तैनात है, लेकिन जब पुलिस ने वहां संपर्क किया, तो उसका झूठ पकड़ा गया। उसने अपना पुलिस आईडी दिखाने से भी इंकार कर दिया, यह कहकर कि वह घर पर है। आंचल बिना वर्दी के थाने पहुंची थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसे दबोच लिया। जांच में पता चला कि आंचल बीएससी पास है और उसने पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल सिर्फ रील बनाने और लोगों को ठगने के लिए किया। पुलिस ने उसके पास से सिपाही और ASI की वर्दी बरामद की।
कानूनी कार्रवाई और लापता सहेली की बरामदगी
थाना सदर पिहोवा के SHO जगदीश कुमार ने बताया कि आंचल के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। साथ ही, लापता सहेली को अंबाला से सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आंचल ने कितने लोगों को ठगा और उसने वर्दी कहां से हासिल की। पिछले महीने पिहोवा के चैत्र-चौदस मेले में भी आंचल वर्दी में घूमती नजर आई थी, जिसने उसके फर्जीवाड़े को और पुख्ता किया।
सबक और सतर्कता की जरूरत
यह मामला सोशल मीडिया की चकाचौंध और फर्जीवाड़े की सच्चाई को उजागर करता है। पुलिस कर्मियों को वर्दी में रील बनाने की अनुमति नहीं होती, फिर भी आंचल ने इसका दुरुपयोग किया। यह घटना आम लोगों के लिए एक चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज पर भरोसा न करें। पुलिस की सतर्कता ने एक बड़े ठगी के खेल को रोक दिया, लेकिन यह समाज में जागरूकता की जरूरत को भी रेखांकित करता है।













