गुरुग्राम . साइबर सिटी गुरुग्राम के नए विकसित हो रहे सेक्टर 58 से लेकर सेक्टर 115 तक रहने वाली लाखों की आबादी के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बजट में खुशियों की सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन 58 सेक्टरों को प्रमुख सड़कों से सीधी कनेक्टिविटी देने के लिए 24 मीटर चौड़ी सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक जमीन का अधिग्रहण सरकार करेगी और अधिग्रहण पर होने वाला पूरा खर्च संबंधित बिल्डरों से वसूला जाएगा। यह फैसला उन परिवारों के लिए संजीवनी साबित होगा जो सालों से संकरी गलियों और अधूरे कनेक्टिविटी रास्तों के कारण ट्रैफिक जाम और असुविधा झेल रहे थे।
2 लाख परिवारों को मिलेगा सीधा रास्ता
गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना के तहत नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने इस बेल्ट में 600 से ज्यादा रिहायशी और कमर्शियल लाइसेंस जारी किए थे। वर्तमान में यहां 250 से ज्यादा रिहायशी सोसायटियां, कॉलोनियां और बड़े मॉल्स पूरी तरह विकसित हो चुके हैं, जिनमें करीब 2 लाख परिवार बस चुके हैं। विडंबना यह थी कि अधिकांश सोसायटियों को केवल पुराने राजस्व रास्तों (संकरी पगडंडियों) पर ही लाइसेंस दे दिए गए थे। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने बिना रोड निर्माण की जिम्मेदारी तय किए गलत तरीके से लाइसेंस बांटे, जिसका खामियाजा आज गुरुग्राम की जनता भुगत रही है।
जमीन अधिग्रहण से सुलझेगा सालों पुराना विवाद
कनेक्टिविटी के इस पेंच को सुलझाने के लिए सरकार ने साल 2021 में टीडीआर (ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स) पॉलिसी में बड़ा संशोधन किया था, जिससे अब तक 140 एकड़ जमीन मिल चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि अब शेष जमीन या तो सीधे मालिकों से खरीदी जाएगी या फिर उसका अनिवार्य अधिग्रहण किया जाएगा। इस घोषणा के बाद स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह है। सेक्टर वासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में भेजी गई शिकायतों पर हुई यह सुनवाई उनके पिछले 10 सालों के संघर्ष की जीत है। यह पहल न केवल गुरुग्राम के रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट देगी, बल्कि लोगों के सफर को भी आसान और सुरक्षित बनाएगी।
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