Haridwar new train: Travel to Bhole’s city is now easier: हरिद्वार नई ट्रेन (Haridwar new train) की शुरुआत ने श्रद्धालुओं के लिए एक नया तोहफा दिया है। भारतीय रेलवे ने फिरोजपुर कैंट से हरिद्वार के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की है।
यह ट्रेन पंजाब और हरियाणा के यात्रियों के लिए धर्मनगरी हरिद्वार (Haridwar) का सफर आसान और सुविधाजनक बनाएगी। खासकर यमुनानगर और आसपास के क्षेत्रों के लोग अब भोले की नगरी तक आसानी से पहुँच सकेंगे। आइए, इस ट्रेन के शेड्यूल, स्टॉपेज और सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानते हैं।
नई ट्रेन का शेड्यूल और स्टॉपेज Haridwar new train
फिरोजपुर कैंट-हरिद्वार एक्सप्रेस (train number 14626) हर बुधवार को रात 10:40 बजे फिरोजपुर कैंट से रवाना होगी। यह ट्रेन रात 12:30 बजे भटिंडा, 1:30 बजे बरनाला, 3:08 बजे पटियाला, 4:30 बजे अंबाला कैंट और सुबह 5:24 बजे यमुनानगर (Yamunanagar) पहुँचेगी।
इसके बाद सुबह 8:30 बजे यह हरिद्वार पहुँच जाएगी। वापसी में ट्रेन नंबर 14625 हर गुरुवार को दोपहर 2:45 बजे हरिद्वार से रवाना होगी। यह शाम 4:46 बजे यमुनानगर, 6:15 बजे अंबाला कैंट, 7:18 बजे पटियाला, 10:30 बजे भटिंडा और रात 12:35 बजे फिरोजपुर कैंट पहुँचेगी। यह शेड्यूल यात्रियों को समय पर और आरामदायक सफर का मौका देता है।
श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत
हरिद्वार, जो गंगा के किनारे बसी आध्यात्मिक नगरी है, हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। नई ट्रेन की शुरुआत से पंजाब और हरियाणा के लोग आसानी से हरिद्वार (Haridwar travel) पहुँच सकेंगे। खासकर वीरवार को, जब जनशताब्दी एक्सप्रेस नहीं चलती, यह ट्रेन यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत होगी।
यमुनानगर से हरिद्वार (Yamunanagar to Haridwar) का सफर अब और सुगम होगा। यह ट्रेन न केवल समय बचाएगी, बल्कि यात्रियों को किफायती और आरामदायक यात्रा का अनुभव भी देगी।
रेल सेवाओं में इजाफा
फिरोजपुर मंडल की गंगा सतलुज एक्सप्रेस पहले से ही हरिद्वार के लिए संचालित हो रही है। नई ट्रेन के साथ अब हरिद्वार के लिए कुल सात ट्रेनें उपलब्ध हैं।
यमुनानगर जगाधरी से फिरोजपुर कैंट (Firozpur Cantt) जाने वाली ट्रेनों की संख्या भी अब दो हो गई है। यह रेल सेवाओं का विस्तार (Indian Railways) यात्रियों के लिए सुविधा और विश्वसनीयता को बढ़ाता है। खासकर धार्मिक यात्रा के लिए यह ट्रेन एक वरदान साबित होगी। भारतीय रेलवे की यह पहल श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए एक सकारात्मक कदम है।













