Haryana Congress president: There is a problem in the announcement of Haryana Congress district presidents: हरियाणा कांग्रेस जिलाध्यक्षों की घोषणा को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब अनिश्चितता में बदलता दिख रहा है। पार्टी के अंदर संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर चल रही खामोश हलचलों ने कार्यकर्ताओं की बेचैनी बढ़ा दी है।
समयसीमा पार, लेकिन सूची अब भी अधूरी Haryana Congress president
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष (राहुल गांधी) ने हरियाणा में संगठन गठन के लिए 30 जून तक का समय तय किया था। उसके बाद पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने 15 जुलाई तक (जिलाध्यक्षों की सूची) जारी करने का संकेत दिया था।
लेकिन दोनों समयसीमाएं बीतने के बाद भी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। सूत्रों की मानें तो हर जिले से भेजे गए 6–6 संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा पूरी नहीं हो पाई है।
हाईकमान और वरिष्ठ नेताओं के बीच सहमति में देरी
पार्टी संगठन महासचिव (केसी वेणुगोपाल) ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की राय के आधार पर पैनल तैयार कर हाईकमान को सौंप दिया है।
अब पार्टी अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खरगे) और राहुल गांधी द्वारा अंतिम अनुमोदन होना बाकी है। कुछ नेताओं का कहना है कि यदि चयन में प्रदेश नेतृत्व की राय जरूरी है, तो केंद्रीय पर्यवेक्षकों का चयन कार्य व्यर्थ साबित हो रहा है। वहीं कुछ चाहते हैं कि पार्टी नेतृत्व जल्द से जल्द निर्णय ले ताकि संगठनात्मक गतिविधियां रफ्तार पकड़ सकें।
प्रदेशाध्यक्ष और विधायक दल नेता चयन भी लंबित
जहां पार्टी जिलाध्यक्षों की सूची पर फैसला नहीं ले पा रही है, वहीं प्रदेशाध्यक्ष (चौधरी उदयभान) का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
साथ ही कांग्रेस विधायक दल का नया नेता भी तय नहीं हो पाया है। हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम आए काफी समय हो गया है, लेकिन अंदरूनी मंथन अब तक परिणाम नहीं दे सका है। इससे ना केवल संगठनात्मक गति रुकी हुई है, बल्कि कार्यकर्ताओं के मन में असंतोष भी पनप रहा है।













