Haryana Employee Salary: Big relief in Haryana employee salary: New rates and leave rules implemented: हरियाणा कर्मचारी वेतन (Haryana Employee Salary) में संशोधन की खबर सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
हरियाणा सरकार ने पार्ट-टाइम और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए नई वेतन दरें तय की हैं, जो 1 जनवरी 2025 से लागू होंगी। इसके साथ ही, ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए प्रतिपूरक अवकाश और नियमित कर्मचारियों के लिए आकस्मिक अवकाश के नियमों में भी बदलाव किया गया है। यह कदम कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और कार्य-जीवन संतुलन को बेहतर बनाने की दिशा में है। आइए, इसकी पूरी जानकारी समझें।
नई वेतन दरें और Haryana Employee Salary
हरियाणा सरकार ने हरियाणा कर्मचारी वेतन (Haryana Employee Salary) में संशोधन कर पार्ट-टाइम और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को राहत दी है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत दो वेतन स्लैब बनाए गए हैं। यदि मासिक वेतन 19,900 रुपये है, तो दैनिक वेतन 765 रुपये और प्रति घंटा 96 रुपये होगा।
प्रतिदिन एक घंटा काम करने वाले कर्मचारी को महीने में 2,487 रुपये मिलेंगे। इसी तरह, 24,100 रुपये मासिक वेतन वाले कर्मचारी को 927 रुपये दैनिक और 116 रुपये प्रति घंटा मिलेगा, जिससे एक घंटे के काम पर 3,012 रुपये मासिक वेतन होगा। यह बदलाव कर्मचारियों की आय बढ़ाएगा।
अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव
हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2016 में संशोधन के तहत कर्मचारियों को नए अवकाश लाभ मिलेंगे। प्रतिपूरक अवकाश (Compensatory Leave) अब अधिसूचित अवकाश पर ड्यूटी करने वाले ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारियों को एक महीने के भीतर मिलेगा, जिसे अन्य छुट्टियों के साथ जोड़ा जा सकता है।
कुल अवकाश 16 दिनों से अधिक नहीं होगा। नियमित महिला कर्मचारियों को प्रति वर्ष 25 आकस्मिक अवकाश और पुरुष कर्मचारियों को सेवा अवधि के आधार पर 10 से 20 अवकाश मिलेंगे। यह नियम कर्मचारियों के लिए कार्य-जीवन संतुलन को बेहतर बनाएंगे।
मृतक कर्मचारी परिवारों को सहायता
हरियाणा सरकार ने मृतक कर्मचारियों के परिवारों के लिए भी संवेदनशील कदम उठाया है। यदि किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होती है, तो उनका परिवार दो साल तक किराया भत्ता या सरकारी आवास का लाभ ले सकता है। हरियाणा कर्मचारी वेतन (Haryana Employee Salary) के साथ यह सुविधा परिवारों को आर्थिक स्थिरता देगी।
इसके अलावा, आउटसोर्सिंग पॉलिसी भाग-2 के तहत कर्मचारियों का अनुबंध 31 जुलाई 2025 तक बढ़ाया गया है। ये कदम कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं।













