Haryana EV subsid: Good news for EV users! Haryana government restored subsidy up to ₹ 40 lakh: हरियाणा इलेक्ट्रिक वाहन सबसिडी (Haryana EV subsidy) को एक बार फिर से बहाल कर दिया गया है, जो अब ₹40 लाख तक की कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर लागू होगी। राज्य सरकार के इस फैसले से मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को राहत मिलने वाली है।
उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने एमएसएमई नीति की समीक्षा बैठक के दौरान इस निर्णय की पुष्टि की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि (green transport policy) का उद्देश्य तभी सफल होगा जब इसका लाभ आम नागरिकों तक पहुँचे। वर्तमान में केवल महंगे इलेक्ट्रिक वाहनों को ही सबसिडी मिल रही थी, जिससे मध्यमवर्ग इससे वंचित रह गया था।
सरकार अब पर्यावरण हितैषी परिवहन (electric vehicle promotion) को बढ़ावा देने के लिए अधिक सुलभ और व्यावहारिक नीति बना रही है, जिससे आमजन को फायदा हो और राज्य में रोजगार व निवेश को बल मिले।
एमएसएमई नीति में तेजी, औद्योगिक विकास को मिलेगा नया आधार Haryana EV subsid
बैठक में हरियाणा सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे 2019 की MSME नीति में आवश्यक बदलाव जल्द से जल्द करें। नई नीति को लागू करके (Haryana MSME policy) को आधुनिक रूप दिया जाएगा। यह नीति न सिर्फ उद्योग जगत के लिए लाभकारी होगी, बल्कि हरियाणा के युवाओं को भी बेहतर रोजगार के मौके प्रदान करेगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि भारत सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि की प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए ताकि फंडिंग में कोई बाधा न आए। इस पारदर्शी प्रक्रिया से राज्य की आर्थिक गति बढ़ेगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।
दिल्ली-एनसीआर से जुड़ाव, निवेश के लिए खुल रहे दरवाजे
हरियाणा की भौगोलिक स्थिति इसे एक रणनीतिक औद्योगिक केंद्र बनाती है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और जेवर एयरपोर्ट से इसकी सीधी कनेक्टिविटी है, जिससे (Haryana industrial policy) के तहत निवेशकों को सुविधा मिलेगी।
राज्य सरकार चाहती है कि एक समावेशी, व्यावहारिक और आधुनिक औद्योगिक नीति बने, जिससे देश-विदेश के निवेशक आकर्षित हों और प्रदेश में रोजगार के नए द्वार खुलें। इस नीति से हरियाणा को एक उद्योग और हरित ऊर्जा केंद्र के रूप में उभारने की योजना है।













