नई दिल्ली, MNS Ex Servicemen Status: रक्षा मंत्रालय से देश की महिला सैन्य अधिकारियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर आई है। सरकार ने मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) में अपनी सेवाएं दे चुकी महिलाओं को आधिकारिक तौर पर ‘पूर्व सैनिक’ यानी एक्स-सर्विसमैन (Ex-Servicemen) की श्रेणी में शामिल करने का फैसला किया है।
अब तक यह सुविधा मुख्य रूप से आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के नियमित जवानों तक सीमित थी। लेकिन नियमों में हुए इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद अब MNS स्टाफ भी इस दायरे में आ गया है। इस निर्णय से सेना में शॉर्ट सर्विस या रिटायरमेंट के बाद महिलाओं के लिए सिविल सरकारी नौकरियों के दरवाजे पूरी तरह खुल जाएंगे।
आर्टिकल 309 के तहत नियमों में संशोधन
सरकार ने एक्स-सर्विसमैन की परिभाषा से जुड़े नियमों को अपडेट करते हुए MNS स्टाफ को इसका वैध हिस्सा बना दिया है। यह महत्वपूर्ण बदलाव भारतीय संविधान के आर्टिकल 309 के तहत किया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में कार्य कर चुके कर्मचारी, चाहे उनकी भूमिका तकनीकी रूप से किसी भी श्रेणी (लड़ाकू या गैर-लड़ाकू) में रही हो, उन्हें पूर्व सैनिकों को मिलने वाली सभी सुविधाएं प्राप्त होंगी।
पहले MNS को सेना का अंग तो माना जाता था, लेकिन ‘पूर्व सैनिक’ के लाभ न मिलने से उन्हें रिटायरमेंट के बाद दूसरी नौकरी पाने में काफी संघर्ष करना पड़ता था। अब नई अधिसूचना ने इस विसंगति को दूर कर दिया है।
ग्रुप C और D की नौकरियों में पक्का आरक्षण
नए नियम लागू होने के साथ ही MNS अधिकारियों को केंद्रीय सरकारी नौकरियों में आरक्षण का सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के दिशानिर्देशों के अनुसार, अब इन्हें केंद्र सरकार की ग्रुप ‘C’ की नौकरियों में 10 प्रतिशत और ग्रुप ‘D’ की नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
इस फैसले से MNS स्टाफ को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC) और रेलवे जैसी प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में ‘एक्स-सर्विसमैन कोटा’ के तहत आवेदन करने का मौका मिलेगा। पहले उन्हें सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती थी, लेकिन अब आरक्षित सीटों के कारण उनके चयन की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी।
आयु सीमा में मिलेगी जबरदस्त छूट
सरकार ने केवल आरक्षण ही नहीं, बल्कि उम्र सीमा (Age Limit) को लेकर भी MNS स्टाफ को बड़ी राहत दी है। सिविल सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करते समय उन्हें अब विशेष आयु छूट का लाभ मिलेगा। नए फॉर्मूले के मुताबिक, उम्मीदवार की वर्तमान वास्तविक उम्र से सेना में दी गई सेवा के वर्षों को घटाया जाएगा।
इसके बाद उन्हें ऊपर से 3 साल की अतिरिक्त छूट (Grace Period) भी दी जाएगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी महिला अधिकारी ने सेना में 7 साल सेवा दी है, तो सरकारी नौकरी के लिए उनकी उम्र की गणना में उन 7 सालों को हटाकर 3 साल और जोड़े जाएंगे।
करियर की दूसरी पारी होगी सुरक्षित
केंद्र सरकार के इस फैसले ने MNS स्टाफ के लिए रिटायरमेंट के बाद के जीवन को सुरक्षित बना दिया है। सेना में अनुशासित जीवन जीने के बाद अब वे आसानी से प्रशासनिक और सिविल जॉब्स में अपनी जगह बना सकेंगी।
यह कदम रक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण को भी दर्शाता है। इससे न केवल उन्हें समाज में बराबरी का दर्जा मिलेगा, बल्कि उनकी देशसेवा को भी सही मायने में सम्मान प्राप्त होगा।
New Toll Tax Rules : 15 फरवरी से बदल गया एक्सप्रेसवे टोल टैक्स का नियम, अब देना होगा कम पैसा
भरोसेमंद और सटीक खबरों के लिए Haryana News Post पर नज़र बनाए रखें।












