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Water Crisis in Sakshi Malik’s Village: साक्षी मलिक के गांव में जलसंकट: 25 दिनों से पानी की किल्लत, महिलाओं का हंगामा

On: June 2, 2025 8:36 AM
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Water Crisis in Sakshi Malik's Village: साक्षी मलिक के गांव में जलसंकट: 25 दिनों से पानी की किल्लत, महिलाओं का हंगामा
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Water crisis in Sakshi Malik’s village: 25 days of suffering: साक्षी मलिक के गांव में जलसंकट (Water Crisis in Sakshi Malik’s Village) ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। महम के मोखरा गांव, जो चौबीसी क्षेत्र का सबसे बड़ा गांव है, पिछले 25 दिनों से पीने के पानी की भारी किल्लत (water shortage) से जूझ रहा है।

गुस्साई महिलाओं ने इस समस्या को लेकर जलघर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। यह स्थिति न केवल परेशान करने वाली है, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर भी गहरा असर डाल रही है।

पानी की किल्लत: एक गंभीर समस्या Water Crisis in Sakshi Malik’s Village

मोखरा गांव में 25 दिनों से पीने का पानी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि नहर में तीन दिन पहले पानी आया, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही (employee negligence) की वजह से जलघर तक आपूर्ति नहीं हो पाई।

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इससे लोग परेशान हैं। पीने का पानी न होने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। दैनिक जरूरतों के लिए लोग दूर-दूर तक पानी ढूंढने को मजबूर हैं। साक्षी मलिक के गांव में जलसंकट (Water Crisis in Sakshi Malik’s Village) ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।

महिलाओं का गुस्सा: जलघर पर प्रदर्शन

हालात से तंग आकर मोखरा की महिलाओं ने जलघर के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी (anti-government slogans) की और अपनी मांगें जोर-शोर से रखीं।

महिलाओं का कहना है कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे। उन्होंने जलघर में अनियमितताओं और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप भी लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कर्मचारी न केवल लापरवाही बरत रहे हैं, बल्कि जलघर में गलत काम भी कर रहे हैं। इस प्रदर्शन ने स्थानीय समुदाय की पीड़ा को उजागर किया है।

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ग्रामीणों की शिकायत और प्रशासन की चुप्पी

गांव वालों ने एक दिन पहले उच्च अधिकारियों को शिकायत दी थी। फिर भी, जलघर पर कर्मचारी नदारद रहे। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि कर्मचारी काम करने के बजाय गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जलघर में अनुचित गतिविधियां हो रही हैं।

ग्रामीणों की मांग है कि सरकार पीने के पानी की आपूर्ति (canal water supply) को सुचारू करे। साथ ही, कर्मचारियों की लापरवाही (employee negligence) पर सख्त कार्रवाई की जाए। साक्षी मलिक के गांव में जलसंकट (Water Crisis in Sakshi Malik’s Village) अब एक बड़ा मुद्दा बन गया है।

आगे क्या? ग्रामीणों की उम्मीद

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मोखरा गांव के लोग अब सरकार से त्वरित हल की उम्मीद कर रहे हैं। महिलाओं ने मांग की है कि जलघर से पानी की आपूर्ति जल्द शुरू हो। वे चाहते हैं कि प्रशासन कर्मचारियों की जवाबदेही तय करे।

साक्षी मलिक के गांव में जलसंकट (Water Crisis in Sakshi Malik’s Village) ने न केवल स्थानीय लोगों को परेशान किया, बल्कि यह सवाल भी उठाया कि आखिर कब तक ग्रामीण क्षेत्रों में पानी जैसी बुनियादी जरूरतें अनदेखी होती रहेंगी। लोग अब एक स्थायी समाधान की उम्मीद में हैं ताकि उनका जीवन सामान्य हो सके।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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