Chandigarh bribery case IRS officer caught taking bribe of Rs 25 lakh, 3.5 kg gold and Rs 1 crore cash recovered: 25 लाख की रिश्वत मामले में शनिवार को गिरफ्तार हुए आईआरएस अफसर डॉ. अमित कुमार सिंघल और बिचौलिए हर्ष कोटक के घर सहित अन्य ठिकानों पर सीबीआई ने रेड की। आईआरएस अफसर की मोहाली फेस-7 के सेक्टर-61 में कोठी से करीब 3.5 किलो सोना, दो किलो चांदी की ज्वेलरी, एक करोड़ की नकदी सहित विदेशों में खरीदी गई संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं।
अलग-अलग बैंकों के लॉकर, खातों की डिटेल व अन्य संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। दोनों आरोपियों को रविवार शाम को सीबीआई ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आईआरएस अधिकारी डॉ. अमित सिंघल की पत्नी भी आईआरएस अफसर हैं। मां एक निजी स्कूल में बतौर टीचर पढ़ाती थीं। इतनी जायदाद, कैश, सोना कहां से आया, इसकी जांच ईडी भी कर सकती है।
Chandigarh bribery case: क्या है पूरा मामला?
सीबीआई को दी गई शिकायत में मेसर्स कोपेनहेगन हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और ला पिनोज पिज्जा फ्रैंचाइजी के मालिक सनम कपूर ने बताया था कि 2019 में अमित कुमार सिंघल से मुलाकात हुई थी। उस समय वे संयुक्त आयुक्त, सीमा शुल्क विभाग, मुंबई के रूप में तैनात एक आईआरएस अधिकारी थे।
दोनों के बीच में मेसर्स पार्कर इम्पेक्स के जरिए मुंबई में मास्टर फ्रैंचाइजी के लिए एक व्यापारिक समझौता हुआ। इसमें अमित कुमार सिंघल ने अपनी मां को हिस्सेदार बनाया, जबकि दूसरा को-ओनर हर्ष कोटक था। बिजनेस रिलेशनशिप में तय शर्तों के बार-बार उल्लंघन होने पर अनबन होने लगी। दिसंबर 2024 में अमित सिंघल के साथ हुए सभी समझौतों को खत्म कर दिया।
रेड के दौरान ये मिला अफसर के घर से
करीब 3.5 किलोग्राम सोना, कीमत लगभग 3.50 करोड़, 2 किलोग्राम चांदी, 1 करोड़ रुपए की नकदी। बैंक लॉकर, कई बैंक खातों के संचालन से संबंधित दस्तावेज दिल्ली, मुंबई, लुधियाना, बठिंडा, मोहाली, जीरकपुर और न्यू चंडीगढ़ में रेड कर चल-अचल संपत्तियों और परिसंपत्तियों का विवरण अघोषित विदेशी संपत्तियों के स्वामित्व को दर्शाने वाले दस्तावेज डिजिटल डिवाइस (मोबाइल फोन और लैपटॉप) भी।
मां के नाम पर साथ में बिजनेस शुरू किया
शिकायतकर्ता कपूर ने बताया कि कारोबारी समझौता खत्म होने के बाद आईआरएस डॉ. सिंघल और हर्ष कोटक ने उसके साथ दुश्मनी रखनी शुरू कर दी। 18 फरवरी 2025 को इनकम टैक्स विभाग का एक नोटिस मिला। डॉ. सिंघल ने पद का दुरुपयोग करके यह नोटिस जारी किया था।
जवाब देने के लिए वह विभाग में पहुंचा, जहां सुनवाई में शामिल होने पर नोटिस की एवज में भारी जुर्माना भरने की धमकी दी गई। हर्ष कोटक से मिला तो उसने कहा कि मामले को सुलझाना चाहते हो तो डॉ. सिंघल से बात करो। अप्रैल 2025 में दिल्ली में डॉ. सिंघल से मुलाकात की।
मामला सुलझाने के लिए अफसर ने 45 लाख रुपए रिश्वत मांगी। दिल्ली में दोबारा हुई मीटिंग में भी हर्ष कोटक के जरिए 45 लाख रुपए देने के लिए कहा। सेक्टर-21ए चंडीगढ़ में हर्ष कोटक से मुलाकात की। लेकिन इसी बीच मामले की शिकायत सीबीआई के पास कर दी गई।
मोहाली की कोठी में 25 लाख रुपए लिए
सीबीआई ने शिकायतकर्ता और आईआरएस डॉ. सिंघल के बीच फोन पर हुई बातचीत भी पैसे लेन-देन की रिकार्डिंग होने के बाद प्रीवेंशन ऑफ क्रप्शन एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। सीबीआई ने रिश्वत के पैसे लेते दोनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
शनिवार को आरोपी सिंघल ने शिकायतकर्ता को रिश्वत के 45 लाख में से 25 लाख एडवांस देने के लिए मोहाली फेस-7 सेक्टर-61 कोठी नंबर – 140 में मिलने के लिए बुलाया। उधर, हर्ष कोटक को भी रिश्वत लेने के लिए मुंबई से मोहाली बुलाया। शनिवार शाम को हर्ष कोटक ने जैसे ही डा. सिंघल की कोठी में कपूर से पैसे लिए तो उसी समय सीबीआई ने उसे दबोच लिया और एक अन्य टीम ने डॉ. सिंघल को भी गिरफ्तार कर लिया।













