Cyber fraud Panchkula BSNL AGM duped of Rs 33.56 lakh, three arrested in Chandigarh: पंचकूला सेक्टर-16 निवासी हुसैन अहमद से ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 33.56 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई है। हुसैन बीएसएनएल में एजीएम हैं। उनकी शिकायत पर पुलिस ने न सेक्टर-20 साइबर थाने में मामला दर्ज किया है। पुलिस 5 को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में एक महिला ने खुद को मुंबई की ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी का कर्मचारी बताया।
Cyber fraud Panchkula: ऐसे बनाई ठगी की योजना
पीड़ित को प्रभावित करने के लिए महिला 5 ने देश के बड़े अर्थशास्त्री और शेयर ट्रेडिंग एक्सपर्ट की असिस्टेंट होने का दावा किया। पीड़ित की आरोपी महिला 1 के साथ इन्वेस्टमेंट को लेकर बात होने लगी। पहले उन्हें एक वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा, जिसमें शेयर ट्रेडिंग से जुड़ी जानकारी शेयर की जाती थी।
साथ ही इन्वेस्टमेंट कर व दोगुनी-तिगुनी कमाई के सपने दिखाए जाते थे। पीड़ित ने पहली बार जब शेयर ट्रेडिंग के लिए ऑनलाइन इन्वेस्ट क किया तो शुरू में अच्छा रिटर्न मिला। उसके बाद पीड़ित को दूसरे वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया।
पीड़ित ने पहले अपने पुराने शेयर बेचे और उसके बाद उन्होंने 30 लाख रुपए का लोन लेकर करीब 33.56 लाख रुपए इन्वेस्ट किया। इन्वेस्टमेंट के बाद प्रॉफिट सहित कुल राशि 85.67 लाख ई रुपए थी। 5 जून को जब पैसा निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने मना कर दिया। उसके बाद उन्हें साइबर ठगी का अंदाजा हुआ तो मामले की शिकायत पुलिस में दी।
ढाई करोड़ की ठगी में तीन गिरफ्तार
चंडीगढ़ की पूर्व चीफ आर्किटेक्ट सुमित कौर को डिजिटल अरेस्ट कर 2.50 करोड़ की ठगी में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 6 जून को यूपी के हाथरस और आगरा में छापे मारे गए। हाथरस से 28 साल के धर्मेंद्र सिंह और आगरा से 36 साल के रामकिसन सिंह उर्फ रामू को पकड़ा गया।
दोनों ने ठगी के लिए बैंक खाते खुलवाकर किराए पर दिए थे। 8 जून को सहारनपुर के बुधनपुर में छापा मारकर 24 साल के शाकिब को गिरफ्तार किया गया। उसने अपने नाम से खाता और फर्म खोली थी। उसे 10% कमीशन के बदले अपने जीजा और साथियों को इस्तेमाल करने दिया।
पूछताछ में तीनों ने बताया कि इस गिरोह में और लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने तीनों की रिमांड मांगी है। बाकी आरोपियों की तलाश और ठगे गए पैसे की रिकवरी के प्रयास जारी हैं। जांच में सामने आया है कि जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर हुए, वे देश के अलग-अलग हिस्सों से खोले गए थे।
कई मोबाइल नंबर भी अलग-अलग राज्यों से ऑपरेट हो रहे थे। पुलिस ने केवाईसी, सीडीआर, आईपी और अकाउंट वेरिफिकेशन के जरिए तकनीकी जांच की। सेक्टर-10ए में रहने वाली सुमत कौर ने 1 जून को पुलिस को शिकायत दी थी।













