Fatehabad News , Mastermind of 80 crore fraud arrested in Fatehabad, made people victims by luring them to double their money: फतेहाबाद में एक सनसनीखेज धोखाधड़ी के मामले ने सभी को चौंका दिया है। आर्थिक अपराध शाखा ने रतिया के बहुचर्चित 80 करोड़ रुपये की ठगी के मास्टरमाइंड डॉ. सुखदेव सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
उसने लोगों को पैसे दोगुने करने का लालच देकर हजारों लोगों को अपने जाल में फंसाया। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया है, और अब कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी है। आइए, इस मामले की पूरी कहानी जानते हैं।
ठगी का जाल: शीशपाल फ्रंट लाइन कंसल्टेंसी Fatehabad News
फतेहाबाद के सहनाल गांव के निवासी डॉ. सुखदेव सिंह ने अपने पिता शीशपाल के नाम पर “शीशपाल फ्रंट लाइन कंसल्टेंसी एंड सर्विसेज” नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई।
इस कंपनी के जरिए उसने लोगों को एक महीने में पैसे दोगुने करने का झूठा वादा किया। लालच में आए लोग अपनी मेहनत की कमाई इस कंपनी में निवेश करने लगे। सुखदेव सिंह ने एक आईडी के लिए 5 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूले और करीब 2934 लोगों को अपने जाल में फंसाया। इस तरह उसने 80 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि हड़प ली।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ, जब सहनाल के ही अमरीक सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज की। उनकी शिकायत के आधार पर 16 अप्रैल को थाना सदर रतिया में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
इस मामले में पहले ही दो अन्य आरोपी, बलिंदर कुमार उर्फ बिन्नू और जसवंत सिंह उर्फ शीरा, को 5 मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब मुख्य मास्टरमाइंड सुखदेव सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा, ताकि रिमांड पर लेकर और गहन पूछताछ की जा सके।
आरोपी ने कबूला गुनाह
पुलिस पूछताछ में सुखदेव सिंह ने अपनी ठगी को कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने लोगों को पैसे दोगुने करने का लालच देकर यह पूरा फ्रॉड रचा। उसकी कंपनी में हजारों लोगों ने अपनी बचत निवेश की, लेकिन किसी को भी वादे के मुताबिक रिटर्न नहीं मिला।
सुखदेव ने अपनी इस धोखाधड़ी से करीब 80 करोड़ रुपये कमाए, जिसे उसने व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल किया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ठगी का पैसा कहां-कहां खर्च किया गया और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
लोगों के लिए सबक
यह मामला हमें सिखाता है कि आसान मुनाफे के लालच में पड़ने से पहले सावधानी बरतनी जरूरी है। फर्जी कंपनियां और स्कीम्स अक्सर लोगों की मेहनत की कमाई को निशाना बनाती हैं।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश से पहले कंपनी की विश्वसनीयता, लाइसेंस, और पृष्ठभूमि की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। अगर कोई योजना असामान्य रूप से ज्यादा रिटर्न का वादा करती है, तो वह संदिग्ध हो सकती है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिबद्धता
फतेहाबाद पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने लोगों में भरोसा जगाया है। आर्थिक अपराध शाखा ने न केवल मास्टरमाइंड को पकड़ा, बल्कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने आश्वासन दिया है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। यह घटना आर्थिक अपराधों के खिलाफ पुलिस की सख्ती और सतर्कता को दर्शाती है।













