Nanded honor killing: महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने एक बार फिर ऑनर किलिंग को लेकर समाज में जारी खामोशी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अलग-अलग जातियों से संबंध रखने वाले दो युवाओं के प्रेम को लड़की के परिवार ने अपनी “इज़्ज़त” का सवाल मानते हुए लड़के की हत्या कर दी।
लेकिन इसके बाद युवती ने वह फैसला लिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी उसने अपने प्रेमी के अंतिम संस्कार से पहले उसके शव के माथे पर हल्दी और सिंदूर लगाकर उससे विवाह कर लिया।
यह पूरी घटना सिर्फ एक प्रेम कहानी का अंत नहीं, बल्कि उन सामाजिक दबावों और जातिगत कट्टरताओं का सच्चा चित्रण है जो आज भी कई युवा प्रेमियों की ज़िंदगी लील लेती हैं।
क्या हुआ नांदेड़ में?
इकतवारा पुलिस थाना क्षेत्र में रहने वाले सक्षम देठे और एक युवती एक-दूसरे से प्यार करते थे और शादी की योजना भी बना रहे थे। परिवार को जब इस रिश्ते का पता चला, तो लड़की के पिता गजानन मामिदवार ने इसे “परिवार की मर्यादा के खिलाफ” बताते हुए सख्त विरोध किया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, युवक और युवती अलग जातियों से थे, और समाज का यह दबाव परिवार के लिए असहनीय माना जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि इसी गुस्से और विरोध में लड़की के पिता, भाई और जीजा ने सक्षम पर हमला किया।
हत्या की खौफनाक कहानी
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार शाम सक्षम को पहले तीन गोलियां मारी गईं। जब वह ज़मीन पर गिर पड़ा, तो आरोपियों ने उसे पत्थर से कुचलकर मार डाला। अधिकारियों के अनुसार, यह वारदात साफ तौर पर “पूर्वनियोजित” लगती है।
वारदात के बाद पुलिस ने लड़की के पिता सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या व साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीवाईएसपी प्रशांत शिंदे ने बताया कि टीम सभी एंगल्स से जांच कर रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
प्रेमिका का दिल दहला देने वाला फैसला
जब सक्षम का शव अंतिम संस्कार के लिए तैयार किया जा रहा था, तभी युवती वहां आई। उसने परंपरागत शादी की तरह हल्दी और सिंदूर लगाकर सक्षम के शव से विवाह करने का निर्णय लिया। उस पल वहां मौजूद कई लोग रो पड़े।
युवती ने कहा
“मेरे पिता और भाई ने मेरे प्रेमी को मुझसे छीन लिया, लेकिन वे हमारे प्यार को नहीं तोड़ पाए। सक्षम मरकर भी जीत गया।”
उसने सरकार से मांग की है कि उसके प्रेमी को मारने वालों को फांसी की सजा मिले।
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?
भारत में हर साल कई ऑनर किलिंग के मामले दर्ज होते हैं। समाजशास्त्रियों का कहना है कि जातिवाद, सामाजिक प्रतिष्ठा और रूढ़िवादी सोच आज भी युवा रिश्तों के रास्ते में सबसे बड़ी अड़चन हैं।
एक सामाजिक शोधकर्ता के मुताबिक:
“अलग जाति में शादी को लेकर लोगों में अभी भी गहरी असहजता है। यह मामला बताता है कि प्यार से घृणा की सत्ता कहीं बड़ी है। जब तक सामाजिक मानसिकता नहीं बदलेगी, ऐसे अपराध रोकना मुश्किल है।”
यह घटना बताती है कि ऑनर किलिंग आज भी भारतीय समाज में जिंदा है। युवा आज भी अपनी पसंद से शादी करने की आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कानूनी सुरक्षा, महिलाओं की स्वतंत्रता और जातिगत कट्टरता पर नए सवाल उठाए हैं।
युवती द्वारा प्रेमी के शव से शादी करना एक तरह का प्रतिरोध माना जा रहा है समाज की पुरानी सोच के खिलाफ।













