Sohna land fraud case: Case filed against 8 people including Tehsildar, Patwari and builder: सोहना जमीन धोखाधड़ी मामला (Sohna land fraud case) इन दिनों सुर्खियों में है जहां तोलनी गांव में लग्जरी फार्म हाउस के नाम पर करोड़ों की ठगी और फर्जी दस्तावेजों से जमीन की रजिस्ट्री कराई गई।
अदालत के आदेश पर तत्कालीन तहसीलदार, पटवारी और बिल्डर समेत आठ लोगों के खिलाफ दो केस दर्ज किए गए हैं।
अदालत के आदेश पर बड़ा खुलासा Sohna land fraud case
सोहना जमीन धोखाधड़ी मामला (Sohna land fraud case) ने एक बार फिर से जमीन घोटालों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हरियाणा के सोहना स्थित तोलनी गांव में एक लग्जरी फार्म हाउस प्रोजेक्ट के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी की गई। शिकायत मिलने के बाद अदालत के आदेश पर तत्कालीन तहसीलदार, पटवारी और एक बिल्डर कंपनी के डायरेक्टर समेत कुल आठ लोगों पर दो अलग-अलग एफआईआर (property scam India) दर्ज की गई।
फार्महाउस के नाम पर करोड़ों की ठगी
पीड़ितों का कहना है कि साल 2020 और 2021 में गोल्डस्किट डेवलपर्स नामक कंपनी ने उनसे संपर्क कर तोलनी गांव में एक प्रोजेक्ट (Sohna builder fraud) का दावा किया।
कंपनी ने फार्म हाउस देने की बात कही और जमीन रजिस्ट्री के लिए सभी सरकारी अनुमतियों और दस्तावेजों का दावा किया। लेकिन जब दस्तावेजों की गहराई से जांच की गई तो अधिकांश पेपर्स फर्जी (fake registry case Sohna) निकले। रजिस्ट्री (fraudulent registry Sohna) प्रक्रिया में भी तत्कालीन तहसीलदार और पटवारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
DTP ने तोड़ी अवैध बाउंड्री
जब खरीदारों ने जमीन को अपने अधीन लेने के लिए वहां बाउंड्री वॉल (DTP demolished boundary) बनवानी शुरू की, तो DTP विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरी बाउंड्री को अवैध बताते हुए तोड़ दिया। यह कार्रवाई इस बात का संकेत देती है कि जमीन की रजिस्ट्री में भारी अनियमितताएं थीं और यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से फर्जी साबित हुआ।













