Ambala flood, अम्बाला न्यूज : टांगरी नदी में अधिक पानी आने के बाद से छावनी की कई कालोनी डूबी हुई हैं। शुक्रवार को पानी की तीवरता कम हुई तो राहत मिली। वही गुरुवार को नदी ने अपना रास्ता बदल लिया। बब्याल – चंदपुरा पर बनाए गए अस्थाई तटबंध को पानी के सैलाब ने तोड़ दिया। गुरुवार सुबह टांगरी नदी का पानी इंडस्ट्रियल एरिया से होते हुए जगाधरी हाईवे को पार कर गया।
इंडस्ट्रियल एरिया में 6 से 10 फीट तक पानी भर गया। इससे साइंस इंडस्ट्रियों में ही करीब कैंट में साइंस इंडस्ट्री एरिया में जमा टांगरी नदी का पानी एक हजार करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। साथ ही जगाधरी हाईवे पर जलभराव से जाम, कई गाड़ियां फंसी कॉलोनियों में घुस गया। यहां की 9 हजार की आबादी प्रभावित हो गई।
एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू कर 3 दर्जन से ज्यादा लोगों को औद्योगिक क्षेत्रों से निकाला। वहीं, गांव मोहड़ा में बुधवार रात 12 बजे टांगरी का पानी आने से घरों में कई फुट पानी भर गया। ग्रामीणों ने वीरवार सुबह 5 बजे रेलवे फाटक के पास रोड को उखाड़ दिया। इस कारण मोहड़ा में आने-जाने का मार्ग प्रभावित हो गया। फाटक का रास्ता बंद होने से लोगों को 12 किलोमीटर लंबा चक्कर काट कर समाल्की के रास्ते से दिल्ली रोड तक आना पड़ा।
इंडस्ट्री में कीमती मशीनें खराब, कई ऑर्डर रद्द होंगे
साइंस इंडस्ट्री असीमा के पूर्व जनरल सेक्रेट्री गौरव सोनी ने बताया कि साल 2023 में 5 करोड़ का नुकसान हुआ था, लेकिन सरकार से ये मुआवजा आज तक नहीं मिला। पक्का तटबंध तक नहीं बनाया। गुरुवार को भी करीब 10 करोड़ से ज्यादा नुकसान हो गया है। कैंट इंडस्ट्रियल एरिया के प्रधान डीसी गुप्ता ने बताया कि यहां करीब एक हजार करोड़ का नुकसान हो गया है। कई ऑर्डर रद्द हो जाएंगे। कई कीमती मशीनें खराब हो गई हैं।
टांगरी के पानी से प्रभावित
• सोनिया कॉलोनी, न्यू कॉलोनी, विकास पुरी, पूजा बिहार, अर्जुन नगर और हरमन सिटी के अंदर 3 से 4 फीट पानी भर गया।
• सुबह 10 बजे से हाईवे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। ट्रैफिक पुलिस दूसरी सड़क से वाहनों को गुजारने लगी। 3 दर्जन से ज्यादा लो फ्लोर कारें पानी में फंसकर बंद हो गईं।
• डेढ़ किलोमीटर के 5 मिनट के सफर को वाहन चालकों को तय करने में एक से डेढ़ घंटा लगा।
गांवों में 500 एकड़ फसल डूबी
घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ने से अम्बाला सिटी के निचले इलाके गुरुवार को भी डूबे रहे। सिटी के नजदीकी गांवों में करीब 500 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। गांव लोहगढ़, डंगडेहरी, मानकपुर, इंडियाना में भी 3 फीट तक पानी भर गया। इस कारण चारों गांवों के करीब 10 हजार लोग प्रभावित हो गए।
ट्रैक्टर-ट्रॉली के सहारे गांव से आना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना था रात 11 बजे से ही गांवों में पानी भरना शुरू हो गया था। जलभराव के कारण किसानों को प्रति एकड़ करीब 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। इधर, सिटी के मनमोहन नगर में भी जलभराव हो गया। क्षेत्र में करीब 15 हजार लोग रहते हैं।
स्थानीय निवासी दिनेश कुमार ने बताया वे मजदूरी करते हैं। मगर 2 दिन से जलभराव के चलते वे काम पर नहीं जा पा रहे। तजेंद्र सिंह व परमिंद्र सिंह ने बताया कि 2 दिन से क्षेत्र में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। मगर, अभी तक प्रशासन ने पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं किया है।
घग्गर के पानी से प्रभावित
• घग्गर के पानी के कारण चंडीगढ़-हिसार बाईपास पर जलभराव हो गया। यहां बने पेट्रोल पंप को बंद करना पड़ा।
. • हाईवे पर 4 जगह से ग्रीन बेल्ट डिवाइडर टूट गया। इस कारण बाईपास का एक हिस्सा आवागमन के लिए बंद करना पड़ा।
• डिवाइडर टूटने के कारण सारा पानी देवी नगर की तरफ जाने वाला मार्ग पर आ गया। इससे आसपास की 40 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। डिवाइडर रिपेयर करने के लिए जेसीबी काम करती नजर आई।
• बाईपास रोड पर ट्रक गड्ढे में गिर गया। दोपहर एक बजे तक जेसीबी की मदद से ट्रक को निकाला।
चंडीगढ़-हिसार बाईपास पर जलभराव
अम्बाला-हिसार रोड पर जमा बारिश का पानी। डीसी बोले- धीरे-धीरे कम हो रहा नदियों का जलस्तर डीसी अजय सिंह तोमर ने बताया कि टांगरी और घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ने से कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। कैंट के इंडस्ट्री एरिया में रहने वाली लेबर को बाहर निकालने के लिए कहा गया है। वहीं, पंप लगाकर पानी को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इधर, घग्गर नदी का भी जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन, सभी विभागों की टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।












