Charkhi Dadri College seats (चरखी दादरी) : डीएचई की ओर से यूजी प्रथम वर्ष में ऑनलाइन आवेदन के पश्चात प्रवेश से वंचित रहे विद्यार्थियों के लिए प्रवेश पोर्टल को एक बार से चार अगस्त से खोला गया था। ताकि वंचित रहे विद्यार्थी दाखिले के लिए आवेदन कर सकें।
गुरुवार को पोर्टल का ओपन रहने का आखरी दिन था।
इससे पहले यूजी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए दो मेरिट लिस्ट जारी की गई। जिसके बाद तीसरे चरण में रिक्त सीटों पर फिजिकल काउंटिंग की गई जिसे रिक्त सीटों के लिए 100 रुपये क्लिंब शुल्क प्लस 100 रुपये प्रतिदिन के साथ 24 जुलाई तक जारी रखा गया था। शहर व क्षेत्र के महाविद्यालयों में अब भी कोसों के लिए सीटें रिक्त है। जिन पर आवेदन करवा कर अब भी दाखिले लिए जा सकते है।
कॉलेजों में क्यों नहीं भरी सीटें?
प्रोफेसर सुरेन्द्र सिंह व रोशन लाल ने बताया कि अबकि बार महाविद्यालयों में यूजी को लेकर बहुत कम संख्या में छात्रों ने आवेदन किया है। जिले के सभी कॉलेजों में आवेदन पोर्टल बंद होने के बाद भी लगभग आधी सीटें जानिए महाविद्यालयों में कोर्स में दाखिला स्थिति बची हुई है।
सबसे बूरा हाल एम.ए की कक्षाओं का जिसमें तकरीबन शहर के दोनों कोर्स कॉलेजों में 76 छात्र जनता बीए कॉलेज में और वही एपीजे कालेज में 23 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।
इन सबका कारण आज हर युवा डिग्री के पीछे नहीं बल्कि रोजगार के पीछे लगा है। क्योंकि आज के युवा नौकरी के लिए अलग अलग तरह के कोर्स कर रहे है। इसके लिए हर कोई कालेज में एडमिशन न लेकर 12 वीं कक्षा के बाद अकेडमी में जाकर कोर्स कर रहें है।
कहां कितनी सीटें खाली?
जनता महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष की 560 में से 269 सीटें खाली हैं। बीकॉम में 160 में 100, बीएससी (नॉन-मेडिकल) में 160 में 118, और बीएससी (कंप्यूटर साइंस) में 80 में 24 सीटें बची हैं। एमए भूगोल में 80 में 64, गणित में 60 में 36, हिंदी में 60 में 59, इतिहास में 40 में 30 और अंग्रेजी में 40 में 21 सीटें खाली हैं।
एपीजे महाविद्यालय में बीए की 400 में 267, बीकॉम में 80 में 64, बीएससी (नॉन-मेडिकल) में 80 में 67, एमए हिंदी में 40 में 31, अंग्रेजी में 40 में 35 और एमकॉम में 40 में 31 सीटें खाली हैं।
झोझू महाविद्यालय में बीए की 480 में 216, बीकॉम में 80 में 61, बीएससी (नॉन-मेडिकल) में 160 में 139, एमएससी भूगोल में 120 में 110, केमिस्ट्री में 30 में 24, फिजिक्स में 20 में 16 और एमए हिंदी में 60 में 54 सीटें खाली हैं। योग साइंस डिप्लोमा में 30 में 9 सीटें बची हैं।












