Crackdown on overloaded vehicles in Haryana, SDM and CTM get power to issue challan: हरियाणा सरकार ने सड़कों पर ओवरलोड वाहनों (overloaded vehicles) की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया है। अब सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) और सिटी मजिस्ट्रेट (CTM) को चालान काटने की शक्ति (challan authority) दी गई है।
इस नए फैसले के तहत, ये अधिकारी अपने क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों पर नकेल कस सकेंगे, जिससे सड़क सुरक्षा (road safety) को बढ़ावा मिलेगा और राजस्व (revenue increase) में भी वृद्धि होगी। यह कदम न केवल सड़क हादसों (road accidents) को कम करने में मदद करेगा, बल्कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती को भी दर्शाता है। आइए, इस फैसले की बारीकियों और इसके प्रभाव को समझते हैं।
SDM और CTM को चालान काटने की शक्ति
हरियाणा सरकार ने हाल ही में एक पत्र जारी कर सभी SDM और CTM को ओवरलोड वाहनों (overloaded vehicles) के खिलाफ चालान काटने की शक्ति (challan authority) प्रदान की है। पहले यह अधिकार केवल क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) के पास था, लेकिन अब इस नए आदेश के तहत SDM और CTM भी इस जिम्मेदारी को निभाएंगे।
इसके लिए सरकार ने अधिकारियों के लिए विशेष लॉगिन आईडी और पासवर्ड (login ID and password) जेनरेट किए हैं, ताकि वे ई-चालान पोर्टल (e-challan portal) के जरिए चालान प्रक्रिया को आसानी से पूरा कर सकें। यह कदम हरियाणा मोटर वाहन नियम, 1993 (Haryana Motor Vehicle Rules) के तहत लिया गया है, जो मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 213 के अंतर्गत शक्तियों का उपयोग करता है।
Haryana: ई-चालान पोर्टल से सशक्तिकरण
SDM और CTM को दी गई नई जिम्मेदारी को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने ई-चालान पोर्टल (e-challan portal) पर उनके लिए विशेष लॉगिन आईडी (login ID and password) बनाई हैं। इस पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
अधिकारियों को पहली बार लॉगिन करने के बाद अपना पासवर्ड रीसेट करने का निर्देश दिया गया है। यह सुविधा सुनिश्चित करती है कि चालान प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रहे। इसके अलावा, SDM और CTM केवल अपने-अपने क्षेत्र में चालान (challan authority) काट सकेंगे, और इसका पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से मेंटेन किया जाएगा। यह तकनीकी कदम न केवल समय बचाएगा, बल्कि प्रक्रिया को और भी विश्वसनीय बनाएगा।
अनिल विज का निर्देश, ओवरलोड वाहनों पर सख्ती
हरियाणा में ओवरलोड वाहन (overloaded vehicles) लंबे समय से सड़क सुरक्षा (road safety) के लिए चुनौती बने हुए हैं। ट्रक, डंपर, और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अक्सर अपनी क्षमता से अधिक सामान लेकर हाईवे पर दौड़ते हैं, जिससे सड़क हादसों (road accidents) का खतरा बढ़ जाता है।
इस समस्या से निपटने के लिए हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने पहले भी सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने ओवरलोड वाहनों को जब्त करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई (strict action) करने का आदेश दिया था। नए नियम के तहत SDM और CTM की भूमिका इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सड़कों पर अनुशासन लाने में मदद करेगा।
सड़क सुरक्षा का दोहरा लाभ
यह नया फैसला न केवल सड़क सुरक्षा (road safety) को बढ़ावा देगा, बल्कि राज्य के राजस्व (revenue increase) में भी योगदान देगा। ओवरलोड वाहनों (overloaded vehicles) पर चालान काटने से न केवल नियम तोड़ने वालों पर अंकुश लगेगा, बल्कि जुर्माने के जरिए सरकार की आय भी बढ़ेगी। पहले इस तरह के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन लॉगिन आईडी और पासवर्ड (login ID and password) की कमी के कारण लागू नहीं हो पाए थे। अब डिजिटल पोर्टल और तकनीकी सहायता के साथ यह प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। उप परिवहन आयुक्त रवीश हुड्डा (Ravish Hudda) ने इस आदेश को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
यह नया नियम हरियाणा की जनता के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाएगा। ओवरलोड वाहनों (overloaded vehicles) पर नकेल कसने से सड़कें सुरक्षित (road safety) होंगी, और हादसों की संख्या में कमी आएगी। साथ ही, डिजिटल चालान प्रणाली (e-challan portal) से पारदर्शिता बढ़ेगी, और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी। यह कदम न केवल सरकार की सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि हरियाणा सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों में अग्रणी बनने की दिशा में काम कर रहा है। जनता से अपील है कि वे नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा में अपना योगदान दें।
हरियाणा में सड़क हादसों (road accidents) का एक बड़ा कारण ओवरलोड वाहन (overloaded vehicles) हैं। ये वाहन न केवल सड़कों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि अन्य वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए भी खतरा बनते हैं। SDM और CTM को चालान की शक्ति (challan authority) देने से स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ेगी, और नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी। यह कदम सड़क सुरक्षा (road safety) को प्राथमिकता देने और हादसों को कम करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। अनिल विज (Anil Vij) के नेतृत्व में परिवहन विभाग इस दिशा में और सख्त कदम उठाने की योजना बना रहा है।













