Gurugram Bandhwari landfill Fire , Crisis at Bandhwari landfill in Gurugram: Fire burning for 5 days, firefighters sick, difficulty in garbage disposal: गुरुग्राम के बंधवाड़ी लैंडफिल में लगी आग पांच दिनों से सुलग रही है, जिसने न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है,
बल्कि स्थानीय लोगों और दमकलकर्मियों के लिए भी गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। मीथेन गैस के कारण बार-बार भड़क रही इस आग को बुझाने में फायर ब्रिगेड भी बेदम हो चुकी है। आइए, इस संकट की पूरी कहानी और इसके प्रभाव को समझते हैं।
बंधवाड़ी में आग का तांडव Gurugram Bandhwari landfill Fire
गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर स्थित बंधवाड़ी लैंडफिल में शनिवार रात आग लगी थी। कूड़े के ढेर में मौजूद मीथेन गैस के हवा के संपर्क में आने से आग बार-बार भड़क रही है।
फायर ब्रिगेड की दस गाड़ियां रोजाना पानी का छिड़काव कर रही हैं, लेकिन आग पूरी तरह काबू में नहीं आ रही। इस दौरान चार दमकलकर्मी धुएं और कूड़े की दुर्गंध से बीमार हो गए, जबकि नौ फायर ब्रिगेड गाड़ियां खराब होने के कारण मरम्मत के लिए भेजी गईं। स्थानीय निवासी रमेश यादव कहते हैं, “यहां का धुआं और बदबू अब बर्दाश्त से बाहर है। हमारी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।”
सुरक्षा इंतजामों की कमी
बंधवाड़ी लैंडफिल का प्रबंधन करने वाली एजेंसियों, ग्रीन टेक और आदर्श भारत, पर आग से बचाव के इंतजाम न करने का आरोप है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि टेंडर की शर्तों में आग से बचाव के उपाय शामिल हैं, लेकिन लैंडफिल पर हीट सेंसर स्प्रिंकलर जैसे कोई उपकरण नहीं हैं। इसके बावजूद, नगर निगम ने एजेंसियों पर सिर्फ जुर्माना लगाकर खानापूर्ति की है। पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. अनीता शर्मा कहती हैं, “यह गंभीर लापरवाही है। अगर समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो यह संकट टल सकता था।”
कूड़ा निस्तारण में नई मुश्किल
आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 60 से ज्यादा गाड़ियों ने कूड़े पर पानी डाला है, जिससे कूड़ा कई फुट तक गीला हो गया है। अब इस गीले कूड़े का निस्तारण करना मुश्किल हो गया है, क्योंकि केवल सूखा कूड़ा ही प्रोसेस किया जा सकता है।
बंधवाड़ी में कूड़ा निस्तारण की डेडलाइन 20 जुलाई थी, लेकिन आग और एजेंसियों की धीमी प्रगति के कारण यह लक्ष्य पूरा होना असंभव लग रहा है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता निजेश कुमार ने कहा, “अगर आग के कारण कोई जुर्माना लगता है, तो वह एजेंसियों को वहन करना होगा।”
स्थानीय लोगों का गुस्सा
बंधवाड़ी के आसपास रहने वाले लोग इस स्थिति से खासे नाराज हैं। धुएं और दुर्गंध ने उनकी दिनचर्या को प्रभावित किया है। स्थानीय निवासी सुनीता देवी कहती हैं, “हमारे बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं। नगर निगम और एजेंसियां सिर्फ बहाने बना रही हैं।” लोग मांग कर रहे हैं कि लैंडफिल के प्रबंधन में सुधार हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
क्या है समाधान?
इस संकट से निपटने के लिए तत्काल और दीर्घकालिक कदमों की जरूरत है। नगर निगम को एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और लैंडफिल पर आग से बचाव के उपाय, जैसे स्प्रिंकलर सिस्टम, अनिवार्य करने चाहिए। साथ ही, कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया को तेज करना होगा, ताकि लैंडफिल का बोझ कम हो। निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे धुएं से बचने के लिए मास्क का उपयोग करें और स्थानीय प्रशासन से शिकायत दर्ज करें।
बंधवाड़ी का यह संकट गुरुग्राम के लिए एक चेतावनी है। अगर समय रहते कूड़ा प्रबंधन और सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।













