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Haryana Flood Crisis: अंबाला में टांगरी नदी का कहर, खेत और किसानों को बचाने के लिए सेना उतारे सरकार: चित्रा सरवारा

On: September 4, 2025 6:14 PM
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Haryana Flood Crisis: अंबाला में टांगरी नदी का कहर, खेत और किसानों को बचाने के लिए सेना उतारे सरकार: चित्रा सरवारा
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Haryana Flood Crisis, अंबाला: अंबाला छावनी एक बार फिर टांगरी नदी के उफान की चपेट में आ गई है। लाखों रुपये की लागत से बने बांध बेकार साबित हुए, पंप और जनरेटर ने मौके पर धोखा दे दिया, और प्रशासन बस मूकदर्शक बनकर रह गया। शाहपुर से कोटकछुआ के बीच सड़कों पर दरारें पड़ गईं, जहां हिंदुस्तान की सेना की जरूरत थी, वहां गांव के युवाओं और किसानों ने खुद मोर्चा संभाला।

कॉलोनियों, गलियों और इंडस्ट्रियल एरिया तक पानी घुस चुका है। लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं, और सड़कें नदियों में बदल गई हैं। युवा नेत्री चित्रा सरवारा ने मौके पर पहुंचकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन की नाकामी का जीता-जागता सबूत है। करोड़ों की योजनाएं, विकास के दावे और बांधों के बड़े-बड़े वादे सब पानी में बह गए। यह सरकार सत्ता का सुख भोग रही है, और जनता को बाढ़ और बेघर होने के लिए छोड़ दिया गया है।”

पंपों की बदहाली पर सवाल

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चित्रा सरवारा ने बांध पर लगे निकासी पंपों की खराब हालत पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, “आठ पंपों में से आधे बंद क्यों थे? जो मोटर जल गई, उसका स्पेयर पंप क्यों नहीं लगाया गया? मरम्मत टीम और सफाई दस्ता 24 घंटे ड्यूटी पर क्यों नहीं था? जब मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दे दी थी, तो जमीनी तैयारियां क्यों नहीं की गईं?” सरवारा ने कहा कि सरकार की घोषणाएं और योजनाएं सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं। “बांधों को मजबूत नहीं किया गया, पंप समय पर नहीं चलाए गए, और नतीजा यह है कि पूरी छावनी पानी में डूब गई। यह जनता की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है।”

इंडस्ट्रियल एरिया की तबाही

इंडस्ट्रियल एरिया के हालात पर चित्रा सरवारा ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में तबाही से उबरने की कोशिश कर रही इंडस्ट्री एक बार फिर पानी में डूब गई है। करोड़ों का नुकसान हो चुका है, फैक्ट्रियां ठप हैं, और मजदूर बेघर हो गए हैं। “यह किसका विकास है? किसके लिए योजनाएं बनी थीं? जब संकट की घड़ी में ये काम न आएं, तो यह बजट आखिर जाता कहां है?” उन्होंने सवाल उठाया।

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हरियाणा में बाढ़ का कहर

हरियाणा के हालात पर सरवारा ने बताया कि अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, 30 से ज्यादा घरों की छतें गिर गई हैं, 200 से अधिक परिवार बेघर हो चुके हैं, और 1,71,665 एकड़ से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि राहत और पुनर्वास कार्य तुरंत मिशन मोड पर शुरू किए जाएं। हर प्रभावित परिवार को मुआवजा मिले और बांधों व निकासी व्यवस्थाओं की नाकामी की उच्चस्तरीय जांच हो।

स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील

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चित्रा सरवारा ने स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर मतीदास नगर, प्रभुप्रेम पुरम, टैगोर गार्डन, न्यू प्रीत नगर, अमन नगर, और रामपुर सरसेहड़ी जैसी प्रभावित कॉलोनियों में भोजन, पानी और दवाइयां पहुंचाएं। “जनता को बयान नहीं, मदद चाहिए। अगर सरकार अब भी नहीं जागी, तो यह खामोशी आने वाले समय में उसकी सबसे बड़ी हार साबित होगी,” उन्होंने चेतावनी दी।

राहुल शर्मा

राहुल शर्मा एक कुशल पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 8 वर्षों से ब्रेकिंग न्यूज़, हरियाणा न्यूज़ और क्राइम से जुड़ी खबरों पर प्रभावशाली लेख लिख रहे हैं। उनकी खबरें तथ्यपूर्ण, गहन और तेज़ी से पाठकों तक पहुँचती हैं, जो हरियाणा और अन्य क्षेत्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं को उजागर करती हैं। राहुल का लेखन शैली आकर्षक और विश्वसनीय है, जो पाठकों को जागरूक और सूचित रखता है। वे Haryananewspost.com और डिजिटल मंचों पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी स्टोरीज़ सामाजिक और आपराधिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ती हैं।

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