Haryana News, BJP leader in Haryana sought apology from DSP, Congress called it ‘addiction to power’: हरियाणा के सिरसा में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहां एक भाजपा नेता ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत रोके जाने पर स्थानीय डीएसपी से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवा ली।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस ने इसे ‘सत्ता के नशे’ का प्रतीक बताया है। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
सिरसा में क्या हुआ? Haryana News
मुख्यमंत्री नायब सैनी सिरसा में ‘ड्रग फ्री हरियाणा’ अभियान के तहत साइक्लोथॉन 2.0 कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात जींद के डीएसपी जितेंद्र सिंह राणा ने भाजपा नेता मनीष सिंगला को वीआईपी क्षेत्र में प्रवेश करने से रोक दिया।
मनीष सिंगला, जो पूर्व राज्यपाल गणेशी लाल के बेटे हैं, इस बात से नाराज हो गए। उन्होंने डीएसपी को तलब किया और सिरसा के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में उनके साथ बैठकर माफी मंगवाई। इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया गया, जिसमें डीएसपी राणा कहते नजर आ रहे हैं कि वे सिंगला को पहचान नहीं पाए, जिसके चलते गलतफहमी हुई। सिंगला ने वीडियो में कहा कि अब उन्हें कोई शिकायत नहीं है।
कांग्रेस का तीखा हमला
कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “सत्ता के नशे में चूर भाजपा नेता ने कैमरे के सामने डीएसपी से माफी मंगवाई।
यह हरियाणा में कानून-व्यवस्था की हकीकत दिखाता है।” सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे सत्ता का दुरुपयोग मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि यह महज गलतफहमी थी।
मनीष सिंगला कौन हैं?
मनीष सिंगला सिरसा के स्थानीय कारोबारी और भाजपा की राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य हैं। उनके पिता गणेशी लाल हरियाणा के पूर्व मंत्री और ओडिशा के राज्यपाल रह चुके हैं।
मनीष की राजनीतिक पहचान उनके पिता के नाम से ही है। हालांकि, वे स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं और भाजपा में कोई बड़ा चेहरा नहीं माने जाते।
जानकारी के मुताबिक, इस घटना के बाद सिरसा के एसपी डॉ. मयंक गुप्ता ने मामले को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप किया। डीएसपी राणा और मनीष सिंगला को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बुलाया गया, जहां यह माफी मांगने का वीडियो बनाया गया।
वीडियो में सिंगला ने साफ किया कि डीएसपी से उनकी कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है। फिर भी, सोशल मीडिया पर इस घटना की आलोचना हो रही है। कई यूजर्स का कहना है कि एक पुलिस अधिकारी से इस तरह माफी मंगवाना सही संदेश नहीं देता।
समाज पर क्या असर?
यह घटना न केवल हरियाणा की राजनीति में चर्चा का विषय बनी है, बल्कि यह सवाल भी उठा रही है कि क्या सत्ता का दबाव कानून-व्यवस्था पर हावी हो रहा है? डीएसपी जैसे वरिष्ठ अधिकारी से सार्वजनिक माफी मांगने की घटना से आम जनता में गलत संदेश जा सकता है। वहीं, कुछ लोग इसे साधारण गलतफहमी का नतीजा मान रहे हैं।
हरियाणा में पहले भी सत्ता और प्रशासन के बीच टकराव के मामले सामने आ चुके हैं। यह घटना उनमें से एक है, जो सत्ता के प्रभाव और जिम्मेदारी के सवाल को फिर से उठाती है। इस वाकये ने न केवल राजनीतिक बहस को जन्म दिया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोगों की राय बंटी हुई है।












