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Real Estate Regulations: शेयरहोल्डिंग पैटर्न की होगी जांच, डिफॉल्टर्स की अब खैर नहीं

On: February 12, 2026 11:40 AM
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Real Estate Regulations: शेयरहोल्डिंग पैटर्न की होगी जांच, डिफॉल्टर्स की अब खैर नहीं
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चंडीगढ़ (Haryana Real Estate Developers Action) : हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में सख्ती बढ़ाते हुए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के जरिए नया आदेश जारी किया है। जिन डेवलपर्स पर बाहरी विकास शुल्क (EDC) और राज्य अवसंरचना विकास शुल्क (SIDC) के 20 करोड़ रुपये से अधिक बकाया हैं, उन्हें अब नया लाइसेंस, बिल्डिंग प्लान अप्रूवल, लेआउट अप्रूवल या किसी भी प्रकार की नई मंजूरी नहीं दी जाएगी। सरकार ने यह निर्देश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए हैं।

बकाया छिपाने पर भी मंजूरियां रद्द

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी डेवलपर बकाया छिपाकर या नियमों से बचने की कोशिश करेगा तो उसकी मंजूरियां रोक दी जाएंगी। विभाग को ऐसे मामलों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ज्वाइंट डेवलपमेंट राइट्स (JDR) से जुड़े पुराने मामलों के लिए अलग प्रावधान किए गए हैं, ताकि वास्तविक परियोजनाएं प्रभावित न हों।

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JDR मामलों में सशर्त राहत

प्रदेश सरकार ने 9 फरवरी 2022 से पहले JDR ट्रांसफर किए गए मामलों में सीमित राहत दी है। ऐसे मामलों में मंजूरियां दी जा सकेंगी, बशर्ते जिस लाइसेंस पर JDR ट्रांसफर हुआ है उस पर कोई बकाया न हो। साथ ही JDR होल्डर स्वयं 20 करोड़ रुपये से अधिक बकाया वाले डेवलपर न हों। इस निर्णय से उन कॉलोनियों के प्रोजेक्ट आगे बढ़ सकेंगे, जो लंबे समय से अटके हुए हैं।

बोर्ड बदलकर मंजूरी लेने पर रोक

सरकार के संज्ञान में आया था कि कुछ डेवलपर्स बकाया होने के बावजूद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को अस्थायी रूप से बदलकर नई मंजूरियां हासिल कर लेते हैं। बाद में पुराने डिफॉल्टर डायरेक्टर्स को फिर से बोर्ड में शामिल कर लिया जाता है। सरकार ने इस प्रक्रिया को अनुचित मानते हुए इसे रोकने के लिए नया प्रावधान लागू किया है।

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एक साल पुराने रिकॉर्ड की अनिवार्य जांच

अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग मंजूरी देते समय एक साल पुराना रिकॉर्ड जांचेगा। आवेदन की तारीख पर कंपनी के बोर्ड और शेयरहोल्डिंग पैटर्न की समीक्षा की जाएगी। यदि पिछले 12 महीनों में किसी भी समय ऐसा डायरेक्टर या शेयरहोल्डर पाया गया, जिसका किसी अन्य डेवलपर इकाई में 20 करोड़ रुपये से अधिक बकाया था, तो संबंधित लाइसेंस या अप्रूवल आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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