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Karwa Chauth 2025: चरखी दादरी में चांद कब निकलेगा, जानें करवा चौथ का शुभ मुहूर्त

On: October 7, 2025 5:08 PM
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Karwa Chauth 2025: चरखी दादरी में चांद कब निकलेगा, जानें करवा चौथ का शुभ मुहूर्त
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Karwa Chauth 2025 Charkhi Dadri mein chand kab niklega: करवा चौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए प्यार और समर्पण का प्रतीक है। हिंदू परंपरा में कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला यह व्रत पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है। लेकिन इस साल करवा चौथ 9 अक्टूबर को है या 10 अक्टूबर को? चांद कब निकलेगा और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? आइए, इस खास त्योहार की तारीख, पूजा विधि और धार्मिक महत्व को विस्तार से जानते हैं।

Karwa Chauth 2025 का धार्मिक महत्व

करवा चौथ उत्तर भारत में खासतौर पर मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, यानी बिना पानी और भोजन के दिनभर उपवास करती हैं। यह व्रत दक्षिण भारत की तुलना में उत्तर भारत में ज्यादा प्रचलित है। महिलाएं 16 श्रृंगार करके चौथ माता और भगवान गणेश की पूजा करती हैं। चांद को देखकर व्रत तोड़ने की परंपरा इस त्योहार की सबसे खास बात है। यह व्रत न केवल पति-पत्नी के प्यार को मजबूत करता है, बल्कि परिवार में खुशहाली भी लाता है।

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Charkhi Dadri mein chand kab niklega शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर 2025 को रात 10:54 बजे शुरू होगी और 10 अक्टूबर 2025 को शाम 7:38 बजे खत्म होगी। इसीलिए करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा, यानी सुहागिनों को पूजा के लिए 1 घंटे 14 मिनट का समय मिलेगा। चांद, जिसे देखकर व्रत तोड़ा जाता है, वह 10 अक्टूबर 2025 की रात 8:13 बजे निकलेगा।

करवा चौथ की पूजा विधि

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं बड़ी श्रद्धा के साथ रखती हैं। इस दिन सुबह सूर्योदय से व्रत शुरू होता है और पूरे दिन बिना पानी-भोजन के उपवास रखा जाता है। शाम को शुभ मुहूर्त में चौथ माता की पूजा की जाती है। इस दौरान करवा चौथ की व्रत कथा को बड़े ध्यान से सुना या सुनाया जाता है। रात में चांद निकलने पर महिलाएं छलनी में दीया रखकर चांद को देखती हैं और उसकी पूजा करती हैं। इसके बाद करक से जल अर्पित किया जाता है। फिर छलनी के जरिए अपने पति को देखती हैं। अंत में पति अपनी पत्नी को पानी पिलाकर व्रत पूरा करवाता है।

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क्यों खास है करवा चौथ?

करवा चौथ का व्रत सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच अटूट विश्वास और प्यार का प्रतीक है। यह त्योहार रिश्तों में मिठास और परिवार में एकता लाता है। चांद के दर्शन के साथ व्रत तोड़ने की परंपरा इस दिन को और भी खास बनाती है। सुहागिन महिलाएं इस दिन को उत्सव की तरह मनाती हैं और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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