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Karwa Chauth 2025 पर Karnal में कितने बजे निकलेगा चांद? जानें चंद्र दर्शन का समय और पूजा विधि

On: अक्टूबर 6, 2025 7:15 अपराह्न
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Karwa Chauth 2025 पर Karnal में कितने बजे निकलेगा चांद? जानें चंद्र दर्शन का समय और पूजा विधि
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Karwa Chauth 2025 Karnal mein chand kab niklega: करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास है। यह पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं। साल 2025 में करवा चौथ 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन चंद्रमा के दर्शन और पूजा का खास महत्व है। आइए जानते हैं चंद्रोदय का समय, पूजा का मुहूर्त और व्रत की पूरी विधि।

चंद्रमा का विशेष महत्व

करवा चौथ में चंद्रमा का दर्शन व्रत का सबसे अहम हिस्सा है। मान्यता है कि चंद्रमा के बिना व्रत अधूरा रहता है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान गणेश ने चंद्रमा को श्राप दिया था कि जो उन्हें सीधे देखेगा, उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए महिलाएं चंद्रमा को छलनी के माध्यम से देखती हैं। छलनी में जलता दीपक नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और व्रत को शुभ बनाता है। पूजा में भगवान गणेश, शिव-पार्वती और कार्तिकेय की भी आराधना की जाती है।

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Karnal में कितने बजे निकलेगा चांद?

इस साल करवा चौथ 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर को रात 10:54 बजे शुरू होगी और 10 अक्टूबर को शाम 7:38 बजे खत्म होगी। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा। चंद्रमा रात 8:13 बजे उदय होगा, और यही व्रत खोलने का शुभ समय होगा।

करवा चौथ की पूजा विधि

करवा चौथ का व्रत सही विधि से करना जरूरी है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और सास द्वारा दी गई सरगी खाएं। पूजा के लिए थाली में दीपक, गंगाजल, अक्षत, सिंदूर, हल्दी, फूल, गुड़, दूध, फल और दही रखें। शुभ मुहूर्त में व्रत का संकल्प लें। कलश में जल भरकर पूजन करें। भगवान शिव, पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। दीपक जलाएं, धूप और आरती करें। फल, हल्दी, अक्षत और नैवेद्य चढ़ाएं। पूजा के बाद करवा चौथ की कथा सुनें। चंद्रमा के दर्शन पर गंगाजल या शुद्ध जल से अर्घ्य दें। छलनी से चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखें। इसके बाद पति के हाथों पानी और भोजन लेकर व्रत खोलें।

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Karwa Chauth 2025: करवा चौथ का महत्व

भारत में त्योहार सिर्फ धार्मिक रस्में नहीं, बल्कि भावनाओं को जोड़ने का मौका भी हैं। करवा चौथ भी ऐसा ही पावन पर्व है, जो सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए मनाती हैं। इस दिन सुबह से निर्जला व्रत रखा जाता है और चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है। यह पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास को मजबूत करता है, साथ ही परिवार में एकता और सौहार्द बढ़ाता है।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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