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Morni Landslide: मोरनी में भूस्खलन, सड़क पर आ गया मलबा कई जगह मकान गिरे

On: सितम्बर 2, 2025 1:24 अपराह्न
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Morni Landslide: मोरनी में भूस्खलन, सड़क पर आ गया मलबा कई जगह मकान गिरे
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Morni Landslide (मोरनी) : रविवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने मोरनी खंड के भोज नग्गल गांव की धारला पंचायत गढ़यों में तबाही मचा दी। गांव के किसान फतेह सिंह का मकान पूरी तरह से तहस-नहस हो गया, जिससे परिवार बेघर हो गया है। लगातार हो रही बारिश से गांव की गलियां भी टूट गई हैं और संपर्क मार्ग बाधित हो चुका है।

मूसलाधार बारिश ने मचाई तबाही

गांव के सरपंच मनोज कुमार व ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के चलते गांव के पहाड़ में भूस्खलन हो रहा है, जिससे गांव के मकानों में भी दरारें आ गई है। गांव के किसान फतेह सिंह के मकान के साथ-साथ सामने बना डंगा भी पूरी तरह से दरक गया है। गांव की जमीन खिसकने से पूरे इलाके में खतरे का माहौल है और लोग दहशत में हैं।

पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने जीवन भर की जमा पूंजी मकान बनाने में लगा दी थी, लेकिन अब सब कुछ बर्बाद हो गया। बेहद गरीब वर्ग से आने वाले इस परिवार के लिए दोबारा मकान बनाना बेहद मुश्किल है। मौका देखने पहुंचे जिला परिषद रोमा राणा के प्रतिनिधि व पूर्व सरपंच सुरेश राणा ने जिला उपायुक्त से गुहार लगाई है कि पीड़ित परिवार को तुरंत मुआवजा दिया जाए या रहने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि गांव में दरारों और भूस्खलन के चलते पूरा क्षेत्र खतरे की चपेट में है, ऐसे में प्रशासन तुरंत मौका कर प्रभावित परिवारों की मदद करे।

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बारिश से मोरनी के कई गांवों में बिजली व जल संकट

मूसलाधार बारिश और घग्गर नदी में आई बाढ़ से मोरनी खंड की कई पंचायतों में नदी किनारे बसे गांवों को नुकसान पहुंचा है। तेज बहाव से जहां छामला में वॉटर सप्लाई के बिजली के खंभे गिर गए हैं, वहीं थापली पंचायत के बालू, जौनपुर और बरुण गांवों में हालात बिगड़ गए हैं। नदी किनारे लगे बिजली के खंभे गिर जाने से पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई है। इसका असर जलघर मोरनी व थापली की पेयजल सप्लाई पर भी पड़ा, जिससे ग्रामीणों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

मोरनी से समाजसेवी दीपक शर्मा व थापली पंचायत सरपंच सुनील कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए जल्द बिजली के पोल खड़े किए जाने जरूरी हैं, ताकि लोग राहत की सांस ले सकें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बारिश के दौरान बस शेल्टर और पब्लिक टॉयलेट भी मलबे में दब चुके हैं। स्थानीय निवासी चैत राम, हरि सिंह, दयाल, तरसेम, गीता, जयचंद और लता ने बताया कि थापली गांव के सभी रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे लोग घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है।

खेडा सीताराम में रास्ता धंसा

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खेड़ा सीताराम (नाला पार) में लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पहाड़ों में बसे घरों के साथ भूस्खलन होने से स्थानीय लोग दहशत में हैं। वार्ड के अंदर नाले पर बना घरों तक पहुंचाने का कच्चा रास्ता पिछले दो दिनों की तेज बरसात से धंस गया है। इसके चलते एक मकान के गिरने का खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय निवासी राजेश और धर्मेंद्र कुमार ने बताया रविवार रात करीब 5:30 बजे अचानक तेज आवाज सुनाई दी।

बाहर निकले तो पाया कि घरों के कि आगे का कच्चा रास्ता 7 से 8 फीट नीचे धंस चुका था। इससे उनके घर गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। इतना ही नहीं, घर के पास बनी गांव बड़ी की दीवार भी गिर गई।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत पक्का रास्ता और सुरक्षा इंतजाम करने की गुहार लगाई है। लोगों ने बताया कि यह कच्चा रास्ता करीब 10 से 15 घरों को जोड़ता है। रास्ता धंस जाने से बच्चों को स्कूल छोड़ने और आने-जाने में दिक्कत हो रही है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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